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Haryana: आखिरी exit poll में BJP के पिछड़ने की ये हो सकती है वजह?

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नई दिल्ली- इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल ने हरियाणा में बीजेपी की सारी संभावनाओं पर पानी फेर दिया लगता है। पहले दिन आए सभी एग्जिट पोल में मनोहर लाल खट्टर सरकार की सरकार के दोबारा और पहले से भी काफी ज्यादा बहुमत से सत्ता में वापसी की भविष्यवाणियां की गई थीं। उन अनुमानों ने कांग्रेस को पस्त और बीजेपी नेताओं को मस्त कर दिया था। लेकिन, एक दिन बाद ही जब नया सर्वे आया तो सत्ताधारी दल की सारी खुशी काफूर हो गई। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि अगर इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के अनुमानों के मुताबिक ही हरियाणा में इस बार के चुनाव परिणाम आए तो उसके पीछे की वजह क्या होगी?

    Haryana Assembly Election Exit Poll में किसी को बहुमत नहीं । वनइंडिया हिंदी
    ताजा सर्वे में हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा

    ताजा सर्वे में हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा

    इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में हरियाणा में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना जताई गई है। हालांकि, इसमें भी कांग्रेस के मुकाबले भारतीय जनता पार्टी को बढ़त दिखाई गई है, लेकिन वह 90 सीटों वाली विधानसभा में 46 के जादुई आंकड़े से थोड़ा पिछड़ती दिख रही है। इन अनुमानों के मुताबिक प्रदेश में बीजेपी को 32 से 44, कांग्रेस को 30 से 42, जननायक जनता पार्टी को 6 से 10 और अन्य को भी 6 से 10 तक सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। यानि इस सर्वे के मुताबिक भाजपा ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन भी किया तब भी उसे सरकार बनाने के लिए जेजेपी या अन्यों का साथ लेना पड़ सकता है; और अगर कांग्रेस ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर दिखाया तो सत्ता की चाबी वो भी हथिया सकती है। इस सर्वे के नतीजे अगर परिणामों में परिवर्तित हो गए तो जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला हरियाणा में किंगमेकर बन सकते हैं और कर्नाटक की राजनीति दोहराई गई तो उनके किंग बनने की संभावनाओं को भी पूरी तरह से खारिज कर देना नामुकिन है।

    सर्वे के मुताबिक वोट शेयर का अनुमान

    सर्वे के मुताबिक वोट शेयर का अनुमान

    इस एग्जिट पोल के मुताबिक हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है। इसकी वजह ये मानी जा रही है कि भाजपा को इस चुनाव में 33 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। यह वोट शेयर लगभग उतना ही है जितना 2014 (33.20%) के विधानसभा चुनाव में उसने हासिल किया था। गौरतलब है कि 2014 में बीजेपी को यहां 47 सीटें मिली थीं। लेकिन, 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिले 58 फीसदी वोट के मुकाबले यह लगभग 25 फीसदी कम है। लेकिन, नए पोस्ट पोल सर्वे में कांग्रेस को बीजेपी से सिर्फ 1 फीसदी कम या यानि 32 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। यह वोट शेयर उसे 2014 के विधानसभा चुनाव में मिले वोट शेयर (20.58%) से काफी ज्यादा है। इसलिए, चुनाव विश्लेषक पार्टी को पिछले चुनाव के 15 सीटों के मुकाबले उसे 30 से 42 सीटें तक मिलने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। इस सर्वे में कांग्रेस के बाद जननायक जनता पार्टी के भी बेहतरीन प्रदर्शन की संभावना जताई गई है, जिसके पक्ष में 14 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है।

    बीजेपी के खिलाफ किनके वोटों की गोलबंदी ?

    बीजेपी के खिलाफ किनके वोटों की गोलबंदी ?

    हरियाणा में जाट, दलित और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 50 फीसदी होती है। यही नहीं जानकारों के मुताबिक ये मतदाता हरियाणा के करीब 40 फीसदी सीटों पर वोटिंग को प्रभावित करने में सक्षम हैं। जानकार बताते हैं कि हरियाणा के करीब 70 विधानसभा क्षेत्रों में इन तीनों का इकट्ठा वोट शेयर करीब 30 फीसदी के आसपास बैठता है। यानि अगर इन तीनों समुदायों ने बीजेपी के खिलाफ एक रणनीति के तहत गोलबंदी करके वोटिंग की होगी तो वैसे ही नतीजे आने की पूरी संभावना है, जैसा कि इस एग्जिट पोल में बताया जा रहा है।

    बीजेपी के खिलाफ गोलबंदी की वजह ?

    बीजेपी के खिलाफ गोलबंदी की वजह ?

    जानकार बताते हैं कि हरियाणा में इस बार जाट और दलित दोनों अलग-अलग वजहों से बीजेपी सरकार के खिलाफ गुस्सा निकालना चाहते थे। जबकि, मुस्लिम वोटर तो परंपरागत तौर पर बीजेपी के खिलाफ वोटिंग करते आए हैं। बता दें कि हरियाणा में 2016 में हुए आरक्षण आंदोलन के बाद से जाट और रेप के दोषी गुरमीत राम रहीम के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर दलितों की बीजेपी से नाराजगी की आशंका पहले भी जताई जा रही थी। कहा जाता है किराम रहीम के समर्थक उन्हें मिली सजा के लिए खट्टर सरकार को ही दोषी मानते रहे हैं। ऊपर से दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टूटे संत रविदास मंदिर को लेकर भी विपक्ष ने बीजेपी को घेरने की कोशिश की थी। हो सकता है कि ये सारे समीकरण बीजेपी के खिलाफ बैठ रहे हों। हालांकि, एक बड़ा सवाल ये भी है कि क्या इसी साल सिर्फ 4-5 महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में ये मुद्दे नहीं रहे होंगे? क्या उस समय हरियाणा के वोटरों ने इस सभी बातों को सिर्फ इसलिए दरकिनार कर दिया था, क्योंकि वह आम चुनाव हो रहा था? बहरहाल इस दिलचस्पी को मिटाने के लिए हमें गुरुवार तक का इंतजार करना ही पड़ेगा, जब असल में जनादेश हम सब के सामने होगा।

    इसे भी पढ़ें- 'राम रहीम को जेल में किया जा रहा प्रताड़ित, उनकी जान को खतरा'

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    English summary
    haryana:could this be the reason behind bjp's exit in the last exit poll?
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