• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

हरियाणा विधानसभा चुनाव: कांग्रेस के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकती हैं कुमारी शैलजा, जानिए वजह

|

नई दिल्ली- कुछ दिन पहले तक हरियाणा में कांग्रेस के भीतर सबकुछ सहज नहीं दिख रहा था। तभी पार्टी ने वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को प्रदेश की जिम्मेदारी सौंप दी। मतदान से पहले इतना तो नजर आ ही रहा है कि पार्टी नेतृत्व का तीर निशाने पर लगा है। कांग्रेस का हर खेमा चुनाव में एकजुट नजर आ रहा है। इसका बहुत बड़ा श्रेय प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा को दिया जा सकता है। वो महिला होने के साथ-साथ पार्टी की दलित चेहरा भी हैं और सियासी अनुभव के मामले में भी बाकियों से कहीं आगे हैं। ऐसे में अगर 21 अक्टूबर को राज्य के मतदाता कोई बड़ा उलटफेर करते हैं तो किसी को ज्यादा हैरानी भी नहीं होनी चाहिए।

आर्टिकल-370 और एनआरसी पर स्पष्ट विजन

आर्टिकल-370 और एनआरसी पर स्पष्ट विजन

कई बड़े मुद्दे पर जिसमें पार्टी कुछ दिन पहले तक बंटी हुई नजर आ रही थी, आज वे सारे मुद्दे बीते दिनों की बात हो चुके हैं। मसलन, आर्टिकल-370 की ही बात ले लीजिए। शुरू में भूपिंदर सिंह हुड्डा ने इसपर पार्टी से अलग लाइन ली थी। लेकिन, अब वे इसे तरजीह देना बंद कर चुके हैं। भाजपा के नेशनलिस्ट एजेंडे की काट में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कहती हैं कि ये राष्ट्रीय मसला है, लेकिन इससे हरियाणा की सामान्य जनता पर क्या असर पड़ेगा? इसी तरह बीजेपी एनआरसी की बात करती है, लेकिन पांच साल तक उसे इसका ख्याल क्यों नहीं आया?

जनता से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा जोर

जनता से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा जोर

इसबार पार्टी हर उस मसले को छू रही है, जिसका जनता से सीधा सरोकार है। शैलजा की अगुवाई वाली पार्टी युवाओं और रोजगार पर फोकस कर रही है। एससी/एसटी से जुड़ी समस्याओं को उठा रही है। कांग्रेस सरकार की देन मनरेगा, खाद्य सुरक्षा, आरटीआई पर बात की जा रही है। महिलाओं के सम्मान और किसानों की समस्याओं से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

अयोध्या पर भी साफ नजरिया

अयोध्या पर भी साफ नजरिया

अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी आखिरी दौर में है। कुमारी शैलजा को पता है कि यह मुद्दा चुनावी राजनीति के लिए बहुत ही संवेदनशील है। इसलिए, उन्होंने इस चुनाव में इस मुद्दे पर स्पष्ट लाइन ले रखी है- सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा, कांग्रेस उसका सम्मान करेगी। उन्हें पता है कि इसपर जरा भी गैर-जिम्मेदाराना बयान चुनाव की दिशा पलट सकता है।

राहुल गांधी पर भी साफ नजरिया

राहुल गांधी पर भी साफ नजरिया

देश में एक चर्चा उठी है कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा अबतक इसलिए नहीं कर पाई है, क्योंकि ऐसा होने पर राहुल गांधी जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष को पता है कि बीजेपी इस मुद्दे पर घेरने की कोशिश करती रहेगी। इसलिए, उन्होंने बेहिचक ये लाइन ली है कि चुनाव में हार-जीत के लिए किसी एक को दोष नहीं दिया जा सकता।सभी लोग बराबर रूप से जिम्मेदार हैं। यानि, उनके पास बीजेपी से मुकाबले के लिए हर हथियार तैयार है। इसलिए इसबार हरियाणा में सामान्य सोच से बाहर कुछ अलग नतीजे देखने को मिल जाए तो कोई चौंकने वाली बात नहीं होगी।

भाजपा को कब मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष, अमित शाह ने खुद बताया

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
haryana assembly elections 2019:kumari selja can prove to be a trump card for congress
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more