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बिहार में चमकी बुखार से मौतों का आंकड़ा डेढ़ सौ पार, हर्षवर्धन ने फिर किया पांच साल पुराने वादे का ऐलान

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नई दिल्ली। बिहार में जिस तरह से चमकी बुखार की वजह से 150 से अधिक लोगों की जान चली गई, उसके बाद प्रदेश और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर तमाम वादों की कलई खुल गई है। मुजफ्फरपुर में इंसेफिलाइटिस की वजह से बच्चों की जान जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन अस्पताल का दौरा करने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने फेसबुक के जरिए लोगों से वादा किया है। इसमे कहा गया है कि श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 100 बिस्तरों का बच्चों के लिए पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट को तैयार किया जाएगा। लेकिन सरकार के इस ऐलान के बाद अगर आपको लग रहा है कि सरकार को बच्चों की चिंता है तो आप बिल्कुल गलत है। दरअसल पांच साल पहले भी हर्षवर्धन ने यही ऐलान किया था, लेकिन उनका यह ऐलान महज कागजी साबित हुआ और आजतक इसकी इसे तैयार नहीं किया जा सका है।

2014 में भी किया था ऐलान

2014 में भी किया था ऐलान

हर्षवर्धन ने इस बात का भी ऐलान किया था कि पांच विरोलॉजी लैब भी स्थापित की जाएगी, जोकि बिहार के अलग-अलग जिलों में बनाई जाएगी। साथ ही केंद्र आस-पास के जिलों में 10 बिस्तरों का पीडियाट्रिक आईसीयू की स्थापना की जाएगी, जिसमें केंद्र सरकार मदद करेगा। हर्षवर्धन ने यही वादा 24 जून 2014 को अपनी फेसबुक पोस्ट में किया था। लेकिन पांच साल बाद भी हर्षवर्धन के इस ऐलान का जमीन पर नहीं उतारा जा सका है। कांग्रेस सके प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने हर्षवर्धन पर निशाना साधते हुए कहा कि वही मंत्री, हर्षवर्धन, वही वजह, वही वादा, लेकिन कोई काम नहीं।

बच्चों का इलाज होने में आसानी

बच्चों का इलाज होने में आसानी

श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल बिकास कुमार ने बताया कि 100 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड तैयार किया जाएगा, जहां इंसेफिलाइटिस से पीड़ितों का इलाज हो सकेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल अस्पताल में 40 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड है, जबकि मुख्य आईसीयू वार्ड को भी पीडियाट्रिक आईसीयू में बदल दिया गया है, जिससे कि डॉक्टरों और नर्स को मरीजों पर नजर रखने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 2014 में मैं प्रिंसिपल नहीं था, लिहाजा इस बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं।

150 बच्चों की मौत

150 बच्चों की मौत

बता दें कि बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से अब तक 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। AES सिंड्रोम से मरने वाले बच्चों की तादात लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीमारी को रोकने में सरकार नाकाम दिख रही है। वहीं बच्चों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्रियों के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है।

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English summary
Harsh Vardhan makes the same announcement after five year for Encephalitis in Bihar.
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