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जानें किन लोगों को हो सकता है ब्लैक फंगस, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कैसे इससे करें बचाव

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नई दिल्ली,मई 14: देश में कोरोना का मात दे चुके मरीज अब ब्लैक फंगस यानि म्यूकरमाइकोसिस के शिकार होकर अपनी जान गंवा रहे हैं। लगातार सामने आ रहे इस तरह के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को ब्लैक फंगस को लेकर कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने इसके लक्षण बताने के साथ यह भी सलाह दी है कि म्यूकोरमाइकोसिस से बचने के लिए क्या किया जाए और क्या नहीं।

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दी कई अहम जानकारी

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दी कई अहम जानकारी

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने चार स्लाइड के साथ एक ट्वीट किया है। स्लाइड में समझाया है कि किस तरह इसकी पहचान करके इसकी रोकथाम की जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ''जागरूकता और जल्दी पहचान फंगल इन्फेक्शन को फैलने से रोक सकता है। जल्दी जानकारी मिल जाने और सही उपचार से लोगों में दहशत का कारण बने फंगल इन्फेक्शन पर लगाम लगाई जा सकती है।

क्या है म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस?

क्या है म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस?

पहली स्लाइड में म्यूकरमायकोसिस की परिभाषा को बताते हुए कहा गया है कि यह एक फंगल इन्फेक्शन है और मुख्य रूप से यह मेडिकल हेल्थ समस्याओं वाले लोगों को प्रभावित करता है। जिनमें पर्यावरण में रहने वाले संक्रमण से लड़ने की उनकी क्षमता को कम कर देता है। खासकर डायबिटीज़. पहले से स्वास्थ्य परेशानियां झेल रहे शरीर में वातावरण में मौजूद रोगजनक वायरस, बैक्टीरिया या दूसरे पैथोजन्स से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।

    Black Fungus से कैसे लड़े, क्या करें क्या न करें | Mucormycosis | Coronavirus India | वनइंडिया हिंदी
    कोई व्यक्ति म्यूकरमाइकोसिस से कैसे संक्रमित हो जाता है?

    कोई व्यक्ति म्यूकरमाइकोसिस से कैसे संक्रमित हो जाता है?

    दूसरी स्लाइड में इस बात का जवाब दिया गया है कि किस तरह लोग इस संक्रमण के शिकार हो सकते हैं। ऐसे लोग जो पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हों, जिनकी वेरिकोनाज़ोल थेरेपी यानि किसी गंभीर फंगल इन्फेक्शन का इलाज चल रहा हो, जिनका डायबिटीज नियंत्रण में न हो, स्टेरायड देने की वजह से इम्यूनिटी पर असर हुआ हो और जो लंबे वक्त से आईसीयू में रहे हैं। उन्हें ये फंगल इन्फेक्शन जल्दी हो सकता है।

    इसके लक्षण क्या हो सकते हैं?

    इसके लक्षण क्या हो सकते हैं?

    आंखों/नाक के किनारे दर्द होना या फिर लाल से निशान पड़ना, बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, खूनी उल्टी और मानसिक स्थिति पर असर पड़ना इस संक्रमण के लक्षण हैं।

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    क्या करें, क्या न करें

    क्या करें, क्या न करें

    Do's

    - हाइपरग्लाइसीमिया यानी खून में शर्करा की मात्रा को कंट्रोल करने की कोशिश करें
    - कोविड से डिस्चार्ज होने के बाद या फिर डायबिटीज़ में ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को मॉनिटर करते रहें
    - स्टेरॉयड्स का इस्तेमाल विवेकपूर्ण ढंग से करें
    - ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान ह्यूमिडीफायर्स में साफ, स्टराइल पानी का इस्तेमाल करें
    - एंटीबायोटिक्स या एंटी फंगल दवाइयों का इस्तेमाल विवेकपूर्ण ढंग से करें

    Don'ts


    - संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
    - बंद नाक के हर मामले में यह न समझें कि यह बैक्टीरियल साइनसाइटिस की वजह से है, खासकर ऐसे मरीजों में जिनकी मेडिकेशन के वजह से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हुई है
    - फंगल इंफेक्शन का पता लगाने के लिए बड़े कदम उठाने से हिचकिचाएं नहीं
    - म्यूकरमाइकोसिस हो तो इसका इलाज शुरू करने में जरा भी वक्त न गवाएं

    English summary
    Harsh Vardhan advised people on Mucormycosis Do's And Don'ts coronavirus
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