हर रात देवी मां को खत लिखते थे पीएम मोदी, इस किताब में छापे गए वो लेटर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवावस्था में रोज मां देवी को पत्र लिखा करते थे। वो अपने पत्रों में मां को 'जगत जननी' संबोधित करते थे। पीएम मोदी हर रात सोने से पहले एक पत्र जरूर लिखते थे। उनके द्वारा लिखे गए इन पत्रों को अब हार्पर कॉलिंस इंडिया प्रकाशित करने वाला है। पत्र के विषय अलग-अलग होते थे। कभी वे दुख और खुशी के बारे में होते थे तो कभी यादों के बारे में। उन पत्रों को मोदी की डायरी से लिया गया है।

ये पत्र 1986 में लिखी मोदी की डायरी से लिए गए
हार्परकॉलिन्स इंडिया ने कहा कि प्रख्यात फिल्म आलोचक भावना सोमाया द्वारा गुजराती भाषा से अनुवादित 'लेटर्स टू मदर' का ई-बुक और किताब के रूप में विमोचन किया जाएगा। ये पत्र 1986 में लिखी मोदी की डायरी से लिए गए हैं। हार्परकॉलिन्स इंडिया ने मोदी के हवाले से एक बयान में कहा, 'यह साहित्यिक लेखन की कोशिश नहीं है, इस किताब में शामिल अंश मेरे नजरिए और कभी-कभी बिना काट-छांट किए गए विचारों का आईना है।

लेटर में लिखते थे ये बातें
उन्होंने कहा, 'मैं राइटर नहीं हूं, हममें में से ज्यादातर लोग राइटर नहीं होते हैं, लेकिन हर कोई अपने विचारों को अभिव्यक्त करता है। जब इसे जाहिर करने का आग्रह प्रबल हो जाता है, तो कलम और कागज लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता, जरूरी नहीं कि लिखना हो लेकिन आत्मचिंतन करने और दिल व दिमाग में क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है, इसके लिए ऐसा करना होता है।

लेटर लिखने को कुछ महीनों बाद फाड़ देते थे
हार्परकॉलिन्स इंडिया ने कहा कि 'मोदी के लेखन में एक नौजवान के अंदर उत्साह और बदलाव लाने का जुनून है, लेकिन हर कुछ महीने बाद वह पन्नों को फाड़ देते और उन्हें जला देते थे। हालांकि 1986 में लिखी एक डायरी के पन्ने बच गए। अब ये पहली बार अंग्रेजी में प्रकाशित किए जा रहे हैं। सिनेमा पर कई किताबें लिख चुकीं भावना सोमाया ने कहा कि मेरे विचार से, एक लेखक के रूप में नरेंद्र मोदी की ताकत उनका भावनात्मक हिस्सा है।












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