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पाटीदार आंदोलन का अब नया चेहरा होंगे अल्‍पेश कथिरिया, लेंगे हार्दिक पटेल की जगह

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अहमदाबाद। हार्दिक पटेल पाटीदार आंदोलन का एक बहुत बड़ा चेहरा रहे हैं, बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी और खुलकर पीएम मोदी पर निशाना साधना उनकी पहचान बन गई है लेकिन अब शायद हार्दिक पटेल पाटीदार आंदोलन से सीधे तौर पर जुड़े न रहें। मीडिया सूत्र कह रहे हैं कि अब हार्दिक की जगह अल्पेश कथिरिया ले सकते हैं, ऐसी खबरे हैं कि पाटीदार आंदोलन समिति ने अल्पेश कथिरिया को पाटीदार आंदोलन का नया चेहरा बनाने की कोशिशें तेज कर दी है।

अल्पेश कथिरिया 9 दिसंबर को जेल से रिहा भी हो गए

अल्पेश कथिरिया 9 दिसंबर को जेल से रिहा भी हो गए

मालूम अल्पेश कथिरिया 9 दिसंबर को जेल से रिहा भी हो गए हैं, हालांकि अल्पेश और हार्दिक काफी गहरे दोस्त माने जाते रहे हैं, दोनों 2015 से ही पाटीदारों को आरक्षण दिलवाने के मुद्दे से जुड़े हुए हैं, साल 2015 में जब हार्दिक पटेल ने पाटीदार अनामत आंदोलन समिति का गठन किया तो कथिरिया भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते रहे।

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 लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं हार्दिक पटेल

लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं हार्दिक पटेल

दरअसल समिति के नियम के मुताबिक आंदोलन का हिस्सा रहते हुए कोई भी राजनीति में प्रवेश नहीं कर सकता है, अब चूंकि हार्दिक पटेल एक्टिव राजनीति का हिस्सा बनते की कोशिश कर रहे हैं और लोकसभा चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं, ऐसे में उनकी जगह अल्पेश को देने की बात हो रही है।

 'गब्बर इज बैक'

'गब्बर इज बैक'

अल्पेश भी लोगों के बीच जाना-पहचाना चेहरा है और हार्दिक की तरह ही वो भी पाटिदार आंदोलन को आगे ले जाने का जज्बा रखते हैं और उनके संगठन के लोग उन पर भरोसा भी करते हैं। अल्पेश पाटीदारों के बीच गब्बर के नाम से जाने जाते हैं, उनके जेल से रिहा होते ही 'गब्बर इज बैक' के नारों और पोस्टरों की बाढ़ आ गई है।

तो इस तरह से जेल पहुंचे थे अल्पेश

तो इस तरह से जेल पहुंचे थे अल्पेश

साल 2015 में अहमदाबाद के GMDC मैदान में भारी संख्या में पाटीदार इकट्ठे हुए, यह एक हल्ला-बोल आंदोलन था जहां पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था, इस भगदड़ में 10-15 लोगों की मौत हो गई थी, पुलिस में इस मामले में हार्दिक पटेल समेत कई लोगों को अरेस्ट किया था लेकिन तब अल्पेश कथिरिया उस वक्त फरार हो गए थे लेकिन एक साल बाद वो किसी काम से अहमदाबाद आए तो उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उस पर देशद्रोह का केस चलाया गया, वो सूरत जेल में बंद रहे, फिर उसे रिहा गया गया और अब करीब 111 दिन पहले एकबार फिर उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था, वो कल ही जेल से बाहर आए हैं, हार्दिक ने उन्हें छुड़ाने के लिए अनशन भी किया था।

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English summary
Patidar quota crusader Hardik Patel on Sunday declared his close aide Alpesh Kathiriya as the new face of the agitation for OBC status, fuelling speculation that he may now enter full-time politics.
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