जब देश के इकलौते सिख PM रहे मनमोहन सिंह ने खालिस्तान पर कनाडा को फटकारा था, उनके ही देश में चेताया था!
Happy Birthday Manmohan Singh: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का आज 26 सितंबर को जन्मदिन है। मनमोहन सिंह 91 साल के हो गए हैं। मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को हुआ था। मनमोहन सिंह देश के इकलौते सिख पीएम थे। आज पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर देश के तमाम बड़े नेता उनको जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं।
मनमोहन 2004 से 2014 के बीच देश के प्रधानमंत्री रहे। मनमोहन सिंह देश के जाने-माने अर्थशास्त्री भी हैं, वह तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव के कार्यकाल में बतौर वित्त मंत्री भी काम कर चुके हैं।

आज जब भारत और कनाडा के खालिस्तान के मुद्दे को लेकर रिश्ते बिगड़ रहे हैं, तो ऐसे में हम आपको मनमोहन सिंह के जन्मदिन पर वो वाक्या बताना चाहते हैं, जब साल 2010 में मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते हुए खालिस्तानी सिख अलगावदियों के मामले पर कनाडा को फटकारा था।
जब मनमोहन सिंह के कनाडा दौरे को लेकर खालिस्तानियों के मामले ने पकड़ा तूल
खालिस्तानी अलगाववादी अभियान को लेकर कनाडा और भारत का रुख बहुत सहयोगपूर्ण नहीं रहा है। ये पूरा मामला साल 2009 से शुरू हुआ था। साल 2009 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफेन हार्पर भारत के दौरे पर आए हुए थे। अगले साल 2010 के जून महीने में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कनाडा जाना था। मौका था जी-20 शिखर सम्मेलन का। कनाडा ने साल 2010 में जी-20 की मेजबानी की थी। मनमोहन सिंह के कनाडा जाने से पहले खालिस्तानी के मामले ने तूल पकड़ा था।
मनमोहन सिंह ने खालिस्तानियों को लेकर तत्कालीन कनाडा PM से क्या कहा था?
कनाडा जाने से पहले अप्रैल 2010 में वाशिंगटन डीसी में न्यूक्लियर सिक्योरिटी समिट में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफेन हार्पर की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच यहां 30 मिनट की बैठक चली। इस बैठक के दौरान मनमोहन सिंह ने साफ शब्दों में स्टीफेन हार्पर से कनाडा में चल रहे खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।
खालिस्तानी 'आंदोलन' को लेकर कनाडा को मनमोहन सिंह ने चेताया!
मममोहन सिंह ने पंजाब में सक्रिय खालिस्तानी तत्वों के लिए कनाडाई सिखों के बीच बढ़ते समर्थन पर स्टीफेन हार्पर को चेतावनी भी दी थी। मनमोहन सिंह जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने कनाडा गए तो वहां भी उन्होंने स्टीफेन हार्पर से मुलाकात की और कनाडा द्वारा खालिस्तानी 'आंदोलन' को पनपने देने के संबंध में भारत की आपत्ति व्यक्त की थी।
दो साल बाद 2012 में भारत सरकार ने एक बार फिर कनाडा की सत्तारूढ़ सरकार को चेतावनी दी। भारत की तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने अपनी छह दिवसीय भारत यात्रा के दौरान पीएम हार्पर से कहा था कि "कनाडा में भारत विरोधी बयानबाजी का पुनरुद्धार" भारत के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
सीबीसी न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक भारत की तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर की टिप्पणियां ब्रिटिश कोलंबिया में परेड और मंदिरों में कई खालिस्तानी झंडे और मुहरें देखे जाने के बाद आई थीं। हालांकि उस वक्त कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफेन हार्पर ने कहा था कि कनाडा एकजुट भारत का समर्थन करता है, उन्होंने खालिस्तानी आतंकवाद आंदोलन को "सीमांत" कहकर कम महत्व दिया था।












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