Guwahati Metro News: गुवाहाटी को मिलेगा रैपिड ट्रांजिट सिस्टम, Metro Neo तकनीक से बनेगी शानदार कनेक्टिविटी
Guwahati Metro News: गुवाहाटी मेट्रो प्रोजेक्ट (Guwahati Metro) को अब असम सरकार की महत्वाकांक्षी 'असोम 2.0' पहल से जोड़ दिया गया है। इसके बाद आधुनिक 'रैपिड ट्रांजिट सिस्टम' के तौर पर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा कई बार कह चुके हैं कि यह तकनीकी बदलाव और प्रगति की दिशा में अहम कदम साबित होगा। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े इस प्रोजेक्ट को अब 'मेट्रो नियो' (Metro Neo) तकनीक पर विकसित किया जाएगा। गुवाहाटी जैसे मध्यम यातायात वाले शहर के लिए अधिक उपयुक्त मानी जा रही है।
पहले इस परियोजना को पारंपरिक 'हेवी मेट्रो' के रूप में प्लान किया गया था। हालांकि, लागत और शहर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसे 'मेट्रो नियो' में बदलने का फैसला किया है। मेट्रो नियो तकनीक रबर के टायरों पर बिजली से चलती है और इसकी लागत पारंपरिक मेट्रो की तुलना में काफी कम होती है।

Guwahati Metro News: मेट्रो नियो से घटेगा प्रोजेक्ट का बजट
- इससे न सिर्फ परियोजना का वित्तीय बोझ घटेगा, बल्कि निर्माण भी अपेक्षाकृत तेज और कम तोड़-फोड़ के साथ किया जा सकेगा।
- गुवाहाटी मेट्रो को चार प्रमुख कॉरिडोरों में विकसित करने की योजना है। फेज-1 धरापुर से जलुकबारी तक प्रस्तावित है, जिसे सबसे पहले शुरू किए जाने की संभावना है।
- इस चरण का मुख्य फोकस लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को शहर के अहम केंद्रों जैसे कामाख्या मंदिर, पलटन बाजार और दिसपुर से जोड़ना है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी मिलेगी।
Guwahati Metro News Update: प्रोजेक्ट की डीपीआर रिपोर्ट सौंपी गई
2025-26 के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, राज्य सरकार ने मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को संशोधित करने के निर्देश दिए हैं। इसे नए मेट्रो नियो मानकों के मुताबिक बनाने के लिए इससे इनपुट मिलेंगे। इसके अलावा, नए बन रहे गुवाहाटी-बायपास और एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ मेट्रो पिलर्स को एकीकृत करने की योजना है। इससे निर्माण के दौरान कम से कम तोड़-फोड़ हो। मेट्रो के पूरक के रूप में मौजूदा रेलवे ट्रैक का उपयोग कर एक 'सर्कुलर रेल' नेटवर्क विकसित करने पर भी काम चल रहा है।
Guwahati Metro Update: 18,000 करोड़ हो सकती है लागत
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 18,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, जैसे जापानी बैंक JICA, से फंडिंग जुटाने की प्रक्रिया में है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, संशोधित DPR के केंद्र सरकार से पास होने के बाद, निर्माण कार्य 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में जमीनी स्तर पर दिखने लगेगा। लक्ष्य है कि 2030-31 तक पहला कॉरिडोर (धरापुर से गुवाहाटी एयरपोर्ट और जलुकबारी) चालू कर दिया जाए।
गुवाहाटी मेट्रो से कम होगा ट्रैफिक दबाव
मेट्रो के शुरू होने से पहले ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए गुवाहाटी रिंग रोड और कई एलिवेटेड फ्लाईओवर्स का काम पहले ही शुरू हो चुका है, जिन्हें 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य है। कुल मिलाकर, गुवाहाटी मेट्रो नियो परियोजना शहर की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने और असम को स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में आगे बढ़ाने वाला कदम मानी जा रही है।












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