आटा-दाल के भाव में गड़बड़ाए राहुल गांधी, वापस लेना पड़ा ट्वीट
अब तक छह सवाल पूछ चुके राहुल ने मंगलवार को महंगाई को लेकर सवाल किया। खास बात ये रही कि इसमें राहुल गांधी ने महंगाई का जो हिसाब-किताब लगाया, वो गलत है।
नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात चुनाव को लेकर ट्विटर पर रोज एक सवाल पीएम मोदी से पूछ रहे हैं। अब तक छह सवाल पूछ चुके राहुल ने मंगलवार को महंगाई को लेकर सवाल किया। खास बात ये रही कि इसमें राहुल गांधी ने महंगाई का जो हिसाब-किताब लगाया, वो गलत है। ऐसे में उनको जब ट्विटर पर घेरा गया तो उन्होंने ट्वीट हटा लिया। राहुल ने भाजपा सरकार से अपना सातवें सवाल में महंगाई का मुद्दा उठाते हुए पूछा, 'बढ़ते दामों से जीना दुश्वार, बस अमीरों की होगी भाजपा सरकार?'

राहुल गांधी ने बताया ये गणित
अपने सातवें सवाल में कांग्रेस उपाध्यक्ष नेनोटबंदी, जीएसटी और महंगाई को शामिल किया है. सवाल के साथ राहुल गांधी ने कुछ जरूरी सामानों के दामों का एक ग्राफ भी दिया। इसमें बताया गया है कि गैस सिलेंडर के दाम 2017 में 414 रुपए से बढ़कर 2017 में 742 रुपए हो गए। गैस के दामों में तीन साल में 179 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरह दाल के दामों में 177, टमाटर में 285, प्याज की कीमतों में 200, दूध में 131 और डीजल के दामों में 113 फीसदी का उछाल आया है। इस सवाल में जो ग्राफ दिया, उसी में गलती कर बैठे राहुल।

राहुल कर बैठे ये गलती
राहुल ने सिलेंडर का दाम बताते हुए कहा कि 2014 में 414 का सिलेंडर 2017 में 742 का है और इसके दाम में 179 फीसदी का इजाफा हुआ है। दरअसल, ये इजाफा 179 नहीं बल्कि 79 फीसदी है। इसी तरह दाल के दामों में उन्होंने 177 फीसदी उछाल की बात लिखी, जबकि ये बढ़ोत्तरी 77 फीसदी है। टमाटर के दाम में उन्होंने 285 फीसदी बढ़त की बात कही लेकिन ये 185 है। इसी तरह प्याज के दामों में भी अमेठी से सांसद राहुल गांधी का हिसाब गलत रहा। प्याज में 100 फीसदी बढ़त को 200, दूध के दाम में 31 फीसदी को 131 और डीजल में 13 फीसदी की बढ़त को 113 लिख दिया गया।

राहुल ट्विटर पर लगातार उठा रहे हैं सवाल
राहुल गांधी इससे पहले छह सवाल गुजरात में भाजपा और केंद्र सरकार के कामों को लेकर कर चुके हैं। उनका पहला सवाल आवास देने के मुद्दे पर था, दूसरा- गुजरात सरकार पर कर्ज को लेकर, तीसरा- बिजली आपूर्ति के मुद्दे को लेकर, चौथा सवाल में राहुल ने सरकारी स्कूल-कॉलेज की कीमत पर शिक्षा के व्यापार और महंगी फीस से पड़ी हर छात्र पर मार को लेकर था। राहुल गांधी ने इसके बाद पीएम मोदी से सवाल में पूछा 'न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण, महिलाओं को मिला तो सिर्फ शोषण, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा. गुजरात की बहनों से किया सिर्फ वादा, पूरा करने का कभी नहीं था इरादा.'












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