गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को है गलतफहमी, त्रिमूर्ति का ऐसे फायदा उठाएगी बीजेपी
अल्पेश , जिग्नेश और हार्दिक तीनों ही नेता महात्वाकांक्षी के साथ-साथ किसी ना किसी दल के साथ राजनैतिक सौदेबाजी भी कर सकते हैं। तीनों ही युवा नेताओं की आपस में पटती नहीं है
नई दिल्ली। गुजरात चुनाव में वादों के चौके और छक्के लगाने का दौर शुरू हो गया है। राहुल गांधी ओबीसी नेता अल्पेश ठाकुर की गुजरात नवसृजन जनादेश रैली में भाग लेने के लिए पहुंचे। इस दौरान ओबीसी नेता अल्पेश ठाकुर कांग्रेस में शामिल हो गए। राहुल गांधी ने यहां रैली को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात में समाज के हर वर्ग का एक आंदोलन चल रहा है। राहुल गांधी ने कहा की गुजरात में बस 5-10 उद्योगपतियों की सरकार है। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी का मेक इन इंडिया फेल हुआ है। कांग्रेस को लग रहा है कि वो जिग्नेश मेवाणी, हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर का साथ लेकर गुजरात की बाजी मार लेगी लेकिन ये कांग्रेस की गलतफहमी भी साबित हो सकती है।

अल्पेश , जिग्नेश और हार्दिक तीनों ही नेता महात्वाकांक्षी के साथ-साथ किसी ना किसी दल के साथ राजनैतिक सौदेबाजी भी कर सकते हैं। तीनों ही युवा नेताओं की आपस में पटती नहीं है। ऐसे में एक बात तो तय है कि ये तीनों एक साथ एक ही मंच पर नहीं दिखाई देंगे। जैसा की कांग्रेस चाह रही है। अगर तीनों के रास्ते अलग-अलग रहे तो इस फूट का पूरा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा।
इस सूरत में ओबीसी एससी/एसटी एकता मंच के संयोजक अल्पेश ठाकोर बीजेपी के लिए जीत की राह को और भी आसान बना सकते हैं। असंतुष्ट वोटों का जितना बिखराव होगा बीजेपी के लिए इस बार का चुनाव उतना ही आसान होगा। जिसकी पूरी संभावनाएं बनती हुई नजर आ रही है।












Click it and Unblock the Notifications