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Gujarat Assembly Election: गुजरात के इन इलाकों में गिरता वोट प्रतिशत बीजेपी की प्रचंड जीत की राह में सबसे बड़ा रोड़ा

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    नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के लिए भारतीय जनता पार्टी हरसंभव तैयारी में जुटी हुई है। पार्टी के रणनीतिकारों ने प्रदेश में 150 से ज्यादा सीटें हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इसे हासिल करने के लिए पार्टी आलाकमान किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में भी नहीं है। यही वजह है कि पार्टी ने स्टार प्रचारकों की फौज चुनाव प्रचार के लिए उतार दी है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने 150 सीटों का जो लक्ष्य तय किया है उसे पाने के लिए पार्टी को खास गणित को साधना जरूरी होगा। पार्टी की राह में बस यही एक रोड़ा है जिससे अगर बीजेपी पार पाने में कामयाब होती है तो उसकी सत्ता में वापसी तय है।

    ग्रामीण वोटरों को रिझाने की जरूरत

    ग्रामीण वोटरों को रिझाने की जरूरत

    बीजेपी को 150 सीटें जीतने के लिए 1985 के कांग्रेस के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना होगा। अगर बीजेपी ऐसा करने में कामयाब होती है तो पार्टी की ये बड़ी जीत होगी। हालांकि बीजेपी को इस कामयाबी के लिए शहरी मतदाताओं के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी खुद को मजबूत करना होगा। गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में 98 सीटें ग्रामीण इलाकों में हैं जबकि 84 सीटें शहरी इलाकों में आती हैं।

    चुनाव में बीजेपी के लिए ये है बड़ी टेंशन

    चुनाव में बीजेपी के लिए ये है बड़ी टेंशन

    पारंपरिक तौर पर माना जाता है कि शहरी मतदाताओं का झुकाव बीजेपी की ओर होता है। हालांकि पिछले तीन विधानसभा चुनाव में देखें तो 2002 के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में बीजेपी की स्थिति लगातार कमजोर होती नजर आ रही है। 2002 में बीजेपी ने ग्रामीण इलाकों की 115 सीटों में से 75 सीटें अपने नाम की थी।

    इन इलाकों में कांग्रेस से मिल सकती है कड़ी टक्कर

    इन इलाकों में कांग्रेस से मिल सकती है कड़ी टक्कर

    2007 में बीजेपी ने 115 ग्रामीण सीटों में से 64 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि 2012 के चुनाव में पार्टी को ज्यादा नुकसान हुआ। सीमांकन के बाद हुए चुनाव में ग्रामीण इलाकों की 98 सीटों में से बीजेपी के खाते में 50 सीटें ही गई थीं। वहीं अगर कांग्रेस की बात करें तो 2002 में कांग्रेस का वोट शेयर 32 फीसदी था जो कि 2012 में बढ़कर 44 फीसदी पहुंच गया।

    ये वजहें भी बीजेपी को कर सकती हैं परेशान

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    2017 की बता करें तो इसमें पाटीदार आंदोलन और जीएसटी को लेकर व्यापारियों के गुस्से का असर इन चुनावों में नजर आ सकता है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और ठाकोर नेता अल्पेश ठाकोर ने खुले तौर पर कांग्रेस का समर्थन किया है। हालांकि बीजेपी भी इन इलाकों में जीत के लिए हरसंभव सियासी गणित साधने की कोशिश करेगी।

    इसे भी पढ़ें:- gujarat election 2017: कांग्रेस टीम की ये गलतियां राहुल गांधी पर पड़ सकती हैं भारी

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    English summary
    Gujarat Assembly Election: 98 rural seats pose challenge for BJP.

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