• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

GST कलेक्शन ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, मई में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का संग्रह

|

नई दिल्ली। अप्रैल के बाद अब मई महीने भी जीएसटी संग्रह (GST Revenu) एक बार फिर एक लाख को पार करते हुए 1,00,289 करोड़ रुपए पहुंच गया है। आज से ठीक एक साल पहले यह आंकड़ा 94,016 करोड़ रुपए था। इस तरह से पिछले साल की तुलना में इस साल 6.67 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी हैं।

GST revenue in May collections Rs 100,289 crore

वहीं मई 2019 में वित्त राजस्व वर्ष 2018-19 में मासिक औसत राजस्व की तुलना में 2.21 प्रतिशत अधिक है, जो कि 98,114 करोड़ रुपए था। वित्त मंत्री ट्वीट कर बताया है कि राजस्‍व संग्रह में CGST 17,811 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 24,462 करोड़ रुपए, IGST 49,891 करोड़ रुपए और उपकर 8,125 करोड़ रुपए हासिल हुए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि 31 मई तक अप्रैल महीने के लिए कुल 72.45 लाख जीएसटीआर 3बी रिटर्न फाइल किए गए हैं। इसके अलावा फरवरी-मार्च 2019 के लिए राज्‍यों को GST मुआवजा के तौर पर 18,934 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है।

बता दें कि सरकार की और से जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में जीएसटी कलेक्शन अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2019-20 के पहले महीने मतलब अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 1.13 लोख करोड़ रुपए पर पहुंच गया था। अप्रैल महीन में जीएसटी कलेक्शन (1.13 लाख करोड़ रुपए) में केंद्रीय GST संग्रह 21,163 करोड़ रुपए, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) 28,801 करोड़ रुपए, एकीकृत जीएसटी 54,733 करोड़ रुपए और उपकर संग्रह 9,168 करोड़ रुपए रहा। आंकड़ों के मुताबिक 30 अप्रैल तक मार्च महीने के लिए कुल 72.13 लाख संक्षिप्त बिक्री रिटर्न जीएसटीआर-बी दायर किए गए।

तय लक्ष्य से 82000 करोड़ कम इनकम टैक्स जुटा पाई सरकार

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
GST revenue in May collections Rs 100,289 crore
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more