ग्राउंड रिपोर्ट: माखी गांव में ख़ामोशी- विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का ख़ौफ़ या कुछ और?

Posted By: BBC Hindi
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    ग्राउंड रिपोर्ट: माखी गांव में ख़ामोशी- विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का ख़ौफ़ या कुछ और?

    उत्तर प्रदेश में उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक और भाजपा के नेता कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

    शुक्रवार को बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह को सीबीआई की टीम ने हिरासत में लेकर देर शाम तक पूछताछ की और ये पूछताछ देर रात उनकी गिरफ़्तारी पर ख़त्म हुई.

    उधर, सीबीआई की एक अन्य टीम उन्नाव में पीड़ित परिवार, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा विधायक के गांव में भी लोगों से पूछताछ कर रही थी.

    सीबीआई की क़रीब पांच घंटे की पूछताछ के बाद पीड़ित परिवार को किसी से भी बात करने या मिलने से रोक दिया गया और पुलिस सुरक्षा में पूरे परिवार को एक होटल में रखा गया है.

    वहीं, भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच माखी गांव का वह स्थान एक छावनी बना हुआ है, जहां पीड़ित परिवार और विधायक के पुश्तैनी घर हैं.

    माखी गांव में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय लोग इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं. हालांकि विधायक के घर के भीतर पहुंचने पर वहां जमा कुछ लोग न सिर्फ़ इसी मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे बल्कि उन्हें 'ग़लत तरीक़े से फँसाए' जाने पर नाराज़गी भी जता रहे थे.

    पीड़िता निशाने पर?

    विधायक के घर के बाहर जब कुछ महिलाएं मिलीं तो उनके स्वर भी वैसे ही थे जैसे कि घर के भीतर मौजूद लोगों के थे. जमीला नाम की महिला ये बताते हुए रो पड़ीं कि विधायक कुलदीप सिंह कैसे उनकी मदद करते हैं.

    यही हाल अन्य महिलाओं का भी था और ये सभी महिलाएं बातचीत में ये भी जताने की कोशिश कर रही थीं कि नैतिक रूप से विधायक की छवि गांव में कितनी अच्छी है, जबकि पीड़ित लड़की उनके निशाने पर थी.

    यही नहीं, कुछ महिलाएं इस बात पर भी सवाल उठा रही थीं कि मीडिया में पीड़ित लड़की के तौर पर बयान देने वाली लड़की दरअसल पीड़ित नहीं बल्कि कोई और है. हालांकि ये सवाल जब हमने उन्नाव के डीएम से पूछा तो उन्होंने ऐसी किसी आशंका को सिरे से ख़ारिज कर दिया. लेकिन उन्नाव में मौजूद कुछ मीडियाकर्मियों को भी इस बात की आशंका दिख रही थी.

    बहरहाल, विधायक के बारे में तो कुछ महिलाएं और अन्य लोग भी उनकी तारीफ़ में बातें करते नज़र आए, लेकिन तीन अप्रैल को पीड़ित लड़की के पिता के साथ मार-पीट वाली घटना के बारे में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था. विधायक के घर से क़रीब सौ मीटर दूरी पर स्थित एक बुज़ुर्ग व्यक्ति अपने पैरों में दवा लगाकर बैठे थे.

    नाम और पहचान न ज़ाहिर करन की शर्त पर वो कहने लगे, "इतना पीटा गया कि देखने वालों को लग रहा था कि इसकी सांस कैसे चल रही है, इसे तो मर जाना चाहिए. पीटते हुए यहां लाया गया. गांव के लोगों ने दरवाज़ा बंद कर लिया. आख़िर उनके ख़िलाफ़ किसकी बोलने की हिम्मत है?" उनका तात्पर्य विधायक से था.

    'हमें कुछ नहीं पता'

    माखी गांव काफी बड़ा है. गांव के लोगों के मुताबिक यहां क़रीब 12 हज़ार मतदाता हैं और ये गांव कई मोहल्लों में बंटा है. विधायक के सराय मोहल्ले से आगे काफी दूर हम इस उम्मीद में निकल गए कि शायद यहां इस बारे में कोई कुछ बता दे, लेकिन हमें निराशा हाथ लगी. यहां तक कि जिस चौराहे पर मार-पीट की घटना बताई जा रही थी, वहां के लोगों का भी कहना था- 'हमें कुछ पता नहीं.'

    माखी गांव के लोग सिर्फ़ माइक के सामने ही कुछ बोलने को तैयार नहीं थे, लेकिन ऐसा नहीं था कि इस बारे में कोई कुछ न बोले. बिना माइक के तो लोग काफी कुछ बता रहे थे जिससे स्थिति का अंदाज़ा लग जाए.

    हालांकि गांव की सीमा पर हमारी मुलाक़ात एक महिला से हुई जो कि उस दिन की घटना के बारे में काफी कुछ जानती थीं. सीमा देवी नाम की इन महिला का कहना था, "सबने देखा है, चौराहे पर पानी डाल-डालकर मारा गया है. उनका इलाज तक नहीं हुआ, पुलिस ने रिपोर्ट तक नहीं लिखी."

    गढ़ी गांव में नाम न छापने की शर्त पर एक सज्जन ने तो ये तक कहा कि डर सिर्फ़ विधायक का ही नहीं बल्कि पीड़ित लड़की के परिवार वालों का भी है. कहने लगे, "उन्हें ऐसा-वैसा मत समझिए, उनका भी काफी ख़ौफ़ है."

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    गांव के लोग आख़िर कुछ भी बताने से क्यों कतरा रहे हैं इस बारे में उन्नाव के एक पत्रकार का कहना था कि ये सिर्फ़ ख़ौफ़ है और कुछ नहीं. उनका ये भी दावा था कि गांव तो छोड़िए, उन्नाव शहर में भी इस बारे में शायद ही कोई बात करे.

    उन्नाव में एक पान की दुकान चलाने वाले सुनील भी माखी गांव के पास के ही रहने वाले हैं. वो कहते हैं, "देखिए, विधायक जी का जो डर है लोगों में, वो अपनी जगह, लेकिन लोगों की मदद भी बहुत करते हैं. प्रधानी से लेकर विधायकी और ज़िला पंचायती तक उनके पास है. इतना लोगों पर एहसान है कि कोई क्यों उनके ख़िलाफ़ बोलेगा?"

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    English summary
    Ground Report Khamoshi in Makhi Village MLA Kuldeep Singh Sagars fear or something

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