CAA: केरल सरकार पर भड़के राज्यपाल, कहा- मैं केवल रबड़ स्टैंप नहीं, मुझे देनी चाहिए थी जानकारी
तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने नागिरकता संशोधन कानून (CAA) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार ने इस कानून को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। अब इस मामले पर राज्यपाल का बयान भी आ गया है। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान राज्य सरकार के इस कदम से नाराज हैं और उन्होंने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया है। राज्यपाल ने कहा कि वह ये देखेंगे कि क्या राज्य सरकार बिना राज्यपाल की अनुमति के सुप्रीम कोर्ट जा सकती है या नहीं।

'उन्हें मुझसे पूछना चाहिए था'
खान ने कहा कि वह ये नहीं कह रहे हैं कि जो उन्होंने (राज्य सरकार) ने फैसला लिया, वो गलत है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करना किसी का भी संवैधानिक अधिकार है। लेकिन सामान्य शिष्टाचार कहता है कि उन्हें मुझसे पूछना चाहिए था, या फिर मुझे इसकी कुछ जानकारी देनी चाहिए थी। क्योंकि संवैधानिक रूप से राज्य का हेड मैं हूं, मुझे ही इस बारे में अखबार से सूचना मिली है। स्पष्ट तौर पर मैं केवल रबड़ स्टैंप नहीं हूं।
सीएए के खिलाफ प्रस्ताव भी पास
इससे पहले राज्य में सीएए लागू नहीं करने का प्रस्ताव भी विधानसभा में पास हो चुका है। केरल ऐसा करने वाला पहला और अकेला राज्य है। केरल में वामपंथी गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की सरकार है, जिसकी अगुवाई पिनरायी विजयन कर रहे हैं। केरल सरकार ने याचिका में सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सीएए संविधान के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 25 का उल्लंघन करता है।

22 को हो सकती है सुनवाई
जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में सीएए के खिलाफ करीब 60 याचिकाएं दायर की गई हैं। बताया जा रहा है कि केरल सरकार की इस याचिका को 22 जनवरी के लिए लिस्ट कर दिया गया है। विजयन ने 3 जनवरी को 11 मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर सीएए का विरोध करने की अपील भी की थी।












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