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पत्रकारों पर गिर सकती है गाज, NGO से मिलीभगत की सरकार कर रही जांच

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बेंगलुरू। केंद्र सरकार ने विदेशों से भारत में आ रहे एनजीओ के फंड पर नकेल कसने की तैयारी शुरु कर दी है। खुफिया विभाग के रिपोर्ट के अनुसार इस फंड का भारत को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं सरकार इस मामलें में मीडिया की भूमिका की भी जांच करेगी।

media

फोर्ड फाउंडेशन और ग्रीनपीस हैं जांच के घेरे में

केंद्र सरकार ने पहले ग्रीनपीस और फिर फोर्ड फाउंडेशन के पर कार्यवाही करते हुए इन्हें प्राप्त होने वाले फंड की जांच शुरु कर दी है। इन संस्थाओं ने सबरंग कम्युनिकेशन एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड को बड़ा चंदा दिया था। वहीं आरोप यह भी है कि फोर्ड फाउंडेशन ने 5.4 और 2.9 लाख डॉलर का सबरंग ट्रस्ट को दो बार चंदा दिया।

गुजरात सरकार का दावा एनजीओं दंगे फैलाने की कर रही साजिश

गुजरात सरकार ने फोर्ड फाउंडेशन पर राज्य में खुफिया हरकतों को अंजाम देने और सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से कार्यवाही की मांग की थी। वहीं गुजरात सरकार की जांच में यह बात सामने आयी है कि फोर्ड फाउंडेशन ने 80 फीसदी राशि का इस्तेमाल अपने कार्यालय के उपर खर्च किया है जबकि 20 फीसदी राशि का अभी तक कोई ब्योरा नहीं दिया है।

एनजीओ कर रहे मीडिया को मैनेज

किसी भी स्वयंसेवी संस्था के लिए मीडिया को मैनेज करना काफी अहम होता है। कई एनजीओ ने मीडिया की कांफ्रेंस को आयोजित करने के लिए काफी पैसे खर्च किये हैं। एनजीओ मीडिया के माध्यम से अपने हितों का प्रसार करना चाहती हैं। ये संस्थायें प्रदर्शन के दौरान के दौरान उसे प्रचारित करने के लिए मीडिया का इस्तेमाल करती हैं।

दस्तावेंजों में मीडिया की भागीदारी आयी सामने

सूत्रों के अनुसार जो दस्तावेज सरकार के सामने आये हैं उसमें यह बात भी सामने आयी है कि मीडिया गलत मानवीय आंकड़ों के आधार पर खबरें प्रसारित करके सरकार को बदनाम करने की कोशिश करता है। पत्रकारिता की भाषा में इसे प्लांट खबरें कहते हैं। ऐसे भी कई मामले मौजूद हैं जब इन संस्थाओं ने बड़े कार्यक्रम करके इन पत्रकारों का सम्मान किया हो।

पत्रकारों को विशेष सुविधायें देती हैं एनजीओ

यही नहीं ये एनजीओ पत्रकारों को तरह-तरह की सुविधायें मुहैया कराती है। उन्हें विदेश के दौरे सहित कई कीमती तोहफें देती है। एनजीओ और मीडिया की इस मिलीभगत की भी सरकार काफी पुख्ता तौर पर जांच कर रही है।

खुफिया विभाग कर रही हर पहलू की जांच

खुफिया विभाग का कहना है कि एनजीओ से जुड़े हर तथ्य की बारीकी से जांच की जा रही है। इस पूरे प्रकरण को हम लोगों के सामने लेकर आयेंगे। विभाग का कहना है कि मीडिया की तरह ये एनजीओ पुलिस और राजनीतिक महकमें में भी अपना प्रभाव इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। इन सब पहलुओं की जांच की जा रही है।

English summary
Government to investigate the role of Media in NGO funding,IB signals that the role of plant stories is under scanner to defame the nation.
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