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चीन की चालबाजियों से परेशान कंपनियों को भारत लाने की तैयारी में सरकार, बना रही है खास योजना

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नई दिल्ली- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वह एक ऐसा ब्लूप्रिंट तैयार करेंगी, जिससे चीन से बाहर निवेश करना चाह रही कंपनियों के लिए भारत पसंदीदा ठिकाना बन सके। उनके मुताबिक उद्योग जगत के जो लोग चीन में अपना कारोबार समेटने की सोच रहे हैं, उनके लिए भारत निश्चित तौर पर एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। सीतारमण के मुताबिक सरकार के लिए अब ये जरूरी हो गया है कि वो ऐसे बिजनेस लीडर्स को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करे। वित्त मंत्री ने आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक की वार्षिक बैठक के बाद संवाददाताओं को ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि भारत के इस नजरिए का चीन और अमेरिका के बीच जारी ट्रेड वॉर से कोई लेना-देना नहीं है।

government is preparing to call companies wanting to get out of china

चीन से बाहर निकलकर दूसरे देश में निवेश का विकल्प तलाश रहे ग्लोबल बिजनेस लीडर्स को भारत बुलाने और यहां पर निवेश के लिए आमंत्रित करने के सरकार के प्रयासों के बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि, 'मैं निश्चित रूप से ऐसा कर रही हूं, मैं वापस जाती हूं और कोई ऐसा तरीका निकालती हूं, मैं उन मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन्स, सभी अमेरिकी कारोबार या यूरोपीय या ब्रिटिश मूल के कारोबारों की पहचान करूंगी, जो चीन से बाहर निकल रहे हैं या इसपर विचार कर रहे हैं।'

वित्त मंत्री ने कहा कि 'मैं एक ब्लूप्रिंट तैयार करूंगी जिसके जरिए मैं उनसे संपर्क करूंगी और उन्हें यह बताऊंगी कि भारत क्यों ज्यादा पसंदीदा ठिकाना हो सकता है।' उन्होंने वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड की वार्षिक बैठक के बाद हुई अपनी मुलाकातों के बाद संवाददाताओं को शनिवार को ये जानकारी दी है।

निर्मला सीतारमण ने भारत में निवेश के संबंध में बताया कि इलेक्ट्रोनिक्स, लिथियम आयन बैट्री और कोई भी दूसरे सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में उसी तरह की क्षमता का इकोसिस्टम यहां भी तैयार हो रहा है, जिसमें ज्यादा ध्यान आकर्षित किया जा सकता है।

हालांकि, उन्होंने ये भी स्पष्ट करने की कोशिश की है कि भारत के इस फैसले में चीन और अमेरिका के बीच जारी व्यापारिक तनाव से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने ये भी बताया कि सिर्फ इन्हीं वजहों से ही नहीं कई और वजहों से भी विदेशी कंपनियां चीन से निकलना चाह रही हैं।

उनके अनुसार चीन के बड़े बाजार को देखते हुए कुछ कंपनियां वहां रहना भी चाहेंगी तो उनके लिए भी भारत में तैयार हो रहा इकोसिस्टम और घरेलू बाजार बड़े आकर्षण की वजह हो सकता है। बता दें कि वित्त मंत्री ने जी-20 में विदेश मंत्रियों के सम्मलेन और सेंट्रल बैंक गवर्नर्स मीटिंग में 18 अक्टूबर को भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की है।

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English summary
government is preparing to call companies wanting to get out of china
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