सरकार की सफाई, चीन या किसी देश के खिलाफ नहीं था NSA अजित डोवाल का बयान
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवाल के ऋषिकेश में दिए एक बयान को लेकर सफाई आई है। अधिकारियों के मुताबिक एनएसए एक धार्मिक समारोह में बोल रहे थे और उनका बयान शुद्ध रूप से सभ्यता और सांस्कृतिक संदर्भों में था। यह किसी चीन या किसी भी देश विशेष के बारे में नहीं था।

अधिकारियों के मुताबिक एनएसए के बयान को किसी भी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश गलत है। वहीं चीन या पूर्वी लद्दाख के बारे में नहीं बोल रहे थे। सरकार की सफाई एनएसए अजीत डोभाल के 24 अक्टूबर को ऋषिकेश में परमार्थ निकेतन में एक कार्यक्रम में दिए गए बयान के संदर्भ में आई है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि एनएसए ने चीन और लद्दाख की स्थिति के बारे में बोल रहे थे जबकि अधिकारियों के मुताबिक एनएसए भारत की धार्मिक और आध्यात्मिक शक्ति के बारे में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आप कहते हैं "आप कहते हैं कि हमने कभी किसी पर हमला नहीं किया और इस बारे में कई मत हैं। अगर देश पर खतरा हो तो हमें हमला करना चाहिए क्योंकि देश को बचाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा था कि हम आपसे वहां लड़ेंगे जहां आप लड़ना चाहते हैं। हमने कभी स्वार्थ के लिए लड़ाई नहीं की बल्कि जहां हमें खतरा लगता है हम वहां लड़ते हैं। हम अपनी ही नहीं बल्कि दूसरों की जमीन पर भी लड़ेंगे लेकिन ये लड़ाई भलाई के सर्वोच्च मानदंडों पर होगी न कि निहित स्वार्थों के लिए।"
एनएसए ने आगे कहा था कि "राज्य की अपनी एक भौगोलिक सीमा होती है जबकि राष्ट्र का रिश्ता भावनाओं से है जो आध्यात्मकता और समन्वय के धागे से बंधा हुआ है जिसमें हमारे गुरुओं और आध्यात्मिक केंद्रों की गर्व की भावना है। हमारे आध्यात्मिक केंद्र इस सामूहिक पहचान की भावना की रक्षा करते हैं।"












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