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गोमांस के नाम पर उत्‍पीड़न को लेकर गोवा में मीट व्‍यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

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गोवा। गोवा में मीट व्‍यापारी एसोसिएशन ने बीफ के नाम पर जांच के दौरान उत्‍पीड़न को लेकर शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। गोवा में बूचड़खाने नहीं हैं और एसोसिशन पड़ोसी राज्यों से मीट लाकर होटल और घरों में उपलब्ध कराती है। मीट की खपत सर्दियों के महीनों में अधिक होती है जब गोवा में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

गोमांस के नाम पर उत्‍पीड़न को लेकर गोवा में मीट व्‍यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

पिछले दो हफ्तों एसोसिएशन उत्पीड़न के ऐसे मामलों और पशु कल्याण बोर्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों के बारे में शिकायत करने के लिए सरकारी अधिकारियों से मिलने का प्रयास कर रहे हैं। गोवा मीट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मन्ना बेपारी ने कहा कि क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर को पहला मामला हुआ जब छापे मारे गए।

उनका कहना था कि हम कर्नाटक से मीट लाते हैं क्योंकि यहां हमें कानून के तहत पशुओं का काटने और मारने की अनुमति नहीं है। हम मीट को कानूनी तौर पर खरीदते हैं और इसे गोवा में लाते हैं। चेक नाकों पर ट्रकों को रोक दिया जाता है जहां इन गैर सरकारी संगठनों में के लोग होते हैं और वे मांस को नष्ट करना शुरू कर देते हैं। मीट की तस्वीरें लेते हुए वे दावा करते हैं कि यह तो गोमांस है।

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English summary
From Saturday, the Goa Meat Traders Association, an umbrella body which supplies meat across tourist belts, hotels and households in Goa, will be on an indefinite strike till the state intervenes to check the “rising cases” of vigilantism “in the name of beef”.
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