गोवा में आईपीएस दम्पत्ति ने कहा, वेश्यावृत्ति को वैधता देने में कोई बुराई नहीं

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए युवा कांग्रेस लीडर गुरूदास कामत ने कहा कि एक तरफ सरकार राज्य को 'सेक्स टूरिज्म' और 'नशे के केंद्र' के रूप में बनी इसकी छवि बदलने की कोशिश कर रही है, वहीं पुलिस के लोग इसे वैधता देने की बात कह रहे हैं। शायद इन बुराईयों को बढ़ाने में सरकार का भी परोक्ष योगदान है। 2009 की आईपीएस अधिकारी प्रियंका कश्यप का कहना है कि मुझे इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती है।
इसी मामले पर अपनी सहमति देते हुए कार्तिक कश्यप जो कि एंटी नारकोटिक्स सेल से भी जुड़े हुए हैं उनका कहना है कि वेश्यावृत्ति नैतिक है या अनैतिक इस पर कई मत हो सकते हैं पर कई देशों में इसे पूरी तरह कानूनी रूप से वैधता दी है और वहां कोई दिक्कत नहीं। कार्तिक के इस बयान के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट पर उनकी निंदा हो रही है। मामले पर एक महिला उद्यमी स्वेतलाना कार्डोसो का कहना है कि वेश्यावृत्ति को कानूनी वैधता देना इस समय सही नहीं है क्योंकि राज्य में इस समय अवैध खनन और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे काम हो रहे हैं, जिस पर रोंक लगाये जाने की जरूरत है लेकिन अगर इसे कानून की नजर में वैध बना दिया जाए तो महिलाएं इससे जुड़ने को मजबूर नहीं होंगी बल्कि वह खुद इसे अपनी मर्जी से चुन सकेंगी।












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