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किसी को लिफ्ट देने से पहले संभल जाएं, काटने पड़ सकते हैं कोर्ट के चक्कर, जानें ट्रैफिक के अजीबो-गरीब नियम

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नई दिल्ली। अगर आप तेज बारिश में अपनी कार से जा रहे हो और रास्ते के किनारे में आपको कोई बुजुर्ग या ऑफिस जाने वाला कोई नौजवान या कोई जरूरत मंद गाड़ी का इंतजार करते दिखे तो भूल ने अपनी गाड़ी उसके पास मत रोकिए। अगर रूक गए तो गलती से भी उन्हें लिफ्ट मत दीजिए। अगर आपने इंसानियत दिखाने के चक्कर में ये गलती कर दी तो आपको कोर्ट के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। जी हां किसी अनजान को लिफ्ट देकर उसकी मदद कर आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। आपको जुर्माना देना पड़ सकता है और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

 लिफ्ट देने से पहले सौ बार सोच लें

लिफ्ट देने से पहले सौ बार सोच लें

मुंबई के नितिन नायर के साथ ऐसा ही कुछ हुआ। नितिन ने 22 जून को फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी बात कही। नितिन ने बताया कि भारत का एक नियम ऐसा है जिससे आप किसी को अपनी कार में लिफ्ट देकर परेशानी में पड़ सकते हैं। उन्होंने ब ताया कि मेरी तरह बहुत से कार ओनर को इसके बारे में पता नहीं है। उन्होंने उस पूरी घटना का जिक्र किया है। नितिन ने पोस्ट में लिखा है कि 18 जून को जब ऑफिस जा रहे थे तो एरोली सर्कल के पास उन्हें कुछ लोग गाड़ी का इंतजार करते दिखे। बारिश की वजह से पब्लिक ट्रांसपोर्ट या तो भरे हुए थे या लेट थे। उन लोगों में एक 60 साल के बुजुर्ग भी थे। नितिन ने अपनी कार रोकी और उन तीनों को गिफ्ट दे दिया, क्योंकि उन्हें उसी तरफ जाना था, जहां नितिन का दफ्तर था।

 लिफ्ट देने पर भरना पड़ा जुर्माना

लिफ्ट देने पर भरना पड़ा जुर्माना

नितिन ने लिखा है कि जैसे ही वो लोग अंदर आए एक ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोका और रसीद थमा दी। ट्रैफिक पुलिस ने नितिन का लाइसेंस ले लिया और अग ले दिन थाने में आकर फाइन भरने को कहा। जब नितिन थाने पहुंचा तो पता चला कि लाइसेंस छुड़वाने के लिए कोर्ट जाना पड़ेगा। नितिन पर धारा 66/192 के तहत कार्यवाही हुई है। उन्हें 1500 रुपए का जुर्माना भरना पड़ा। कोर्ट और पुलिस स्टेशन के कई चक्कर काटने पड़े तब जाकर उन्हें अपना लाइसेंस मिला। नितिन ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि हमारे देश में कुछ ऐसे नियम है, जिसकी वजह से लोग सड़क पर लोगों को मरता देख चले जाते हैं लेकिन मदद नहीं करते। नितिन की इस पोस्ट को करीब 26000 बार शेयर किया गया है ।

 जानिए क्या है वो कानून

जानिए क्या है वो कानून

नितिन नायर पर सेक्शन 66(1) की धारा 192(a) के तहत कार्रवाई की गई। ये नियम नहीं कहता है कि किसी को लिफ्ट न दो। इस नियम का असली मकसद प्राइवेट गाड़ियों के बिना परमिट ट्रांसपोर्टेशन में इस्तेमाल को रोकना है। ऐसे में नितिन पर हुई ये कार्रवाई अपवाद के तौर पर ली जा सकती है या नितिन को गलत समझा गया।

 जरा इन नियमों पर डालें नजर

जरा इन नियमों पर डालें नजर

  • मोटर वेहिकल एक्ट में कई ऐसे नियम है, जिनके बारे में बहुत से लोगों को जानकारी तक नहीं है। ये नियम वो हैं जिन्हें जानना भी जरूरी है। जैसे अगर पार्किंग में आपकी कार के सामने किसी ने कार खड़ी कर दी और आप फंस गए तो सामने वाले पर जुर्माने का प्रावधान है।
  • अगर आप कार के अंदर सिगरेट पीते पाए गए तो आप पर 100 रुपए का जुर्माना लगेगा।
  • किसी पब्लिक सर्विस जगह पर कार पार्क करने पर आपको जुर्माना देना होगा।
  • चेन्नई में तो बिना दोस्त की परमीशन की आप उसकी नहीं चला सकते। अगर ऐसा करते पकड़े गए तो 500 का जुर्माना देना होगा।
  • मुंबई में गाड़ी में टीवी या वीडियो डिवाइस लगाना अपराध है और आपको जुर्माना देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं अगर आप ने आपने अपनी गाड़ी का इंजन ऑन करके छोड़ दिया है तो भी आपको जुर्माना भरना होगा।

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English summary
Nitin Nair, an executive with a financial consultancy firm in Navi Mumbai, was fined by the traffic police near the Airoli Circle when he offered three stranded commuters, including a senior citizen, a lift in his car .
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