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नागरिकता कानून पर बोले गिरिराज, गजवा-ए-हिंद समर्थक कर रहे हैं उपद्रव

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    CAB और NRC पर मचा बवाल, केन्द्रीय मंत्री Giriraj Singh क्या बोले सुनिए | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली- देश के कुछ इलाकों खासकर मुस्लिम बहुल जगहों पर नए नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे हिंसक विरोध पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बहुत ही विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इस कानून के खिलाफ गजवा-ए-हिंद के समर्थक उपद्रव भड़का रहे हैं। उन्होंने इसके लिए केरल, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का उदाहरण भी दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने अब मांग कर दी है कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स या एनआरसी को बिहार और पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।

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    'बिहार-बंगाल समेत पूरे देश में लागू हो एनआरसी'

    'बिहार-बंगाल समेत पूरे देश में लागू हो एनआरसी'

    नए नागरिकता कानून के खिलाफ देश के कुछ इलाकों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ मुखर गिरिराज सिंह ने अब बिहार और पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में एनआरसी लागू करने की जोरदार वकालत कर दी है। रविवार को उन्होंने कहा, "एनआरसी को बिहार और पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में भी लागू किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा- "नागरिकता कानून को संसद से पास कर दिया गया है। भारत के उत्तर-पूर्व में निश्चित तौर पर इसको लेकर कुछ असमंजस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के चलते नॉर्थ-ईस्ट को कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन, तकलीफ तब होती है कि राहुल गांधी के बहकावे में आकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं। नागरिकता संशोधन कानून नागरिकता लेने का नहीं, बल्कि देने का है। भारत एकमात्र देश है जहां विपक्ष अपने ही देश के खिलाफ है।"

    गजवा-ए-हिंद समर्थक कर रहे हैं उपद्रव- गिरिराज

    दरअसल, नागरिकता संसोधन बिल पास होने के बाद देश के नॉर्थ-ईस्ट में तो हिंसक प्रदर्शन हो ही रहा है, पश्चिम बंगाल बंगाल में भी हिंसक उपद्रव देखा जा रहा है। यही नहीं दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्र भी इसका हिंसक विरोध कर रहे हैं। इसी तरह केरल और यूपी के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी विरोध देखा जा रहा है। इसी के मद्देनजर गिरिराज ने कुछ विरोध प्रदर्शनों वाले विडियो शेयर कर कहा है कि इस विरोध में गजवा-ए-हिंद समर्थक (कुछ इस्लामी ग्रंथों में भारत की विजय की लड़ाई) शामिल हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- "सीएबी में नागरिकता देने का प्रावधान है लेने का नहीं .. गजवा-ए-हिंद के समर्थक केरल, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी या अन्य जगह पर उपद्रव कर रहे हैं। यह गजवा-ए -हिंद के समर्थक हो सकते हैं, हिंदुस्तान के नहीं।"

    कुछ इलाकों नागरिकता कानून लागू नहीं होगा

    कुछ इलाकों नागरिकता कानून लागू नहीं होगा

    बता दें कि नया नागरिकता कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से 31 दिसंबर, 2014 से पहले तक भाग कर भारत आने वाले हिंदू, पारसी, सिख,जैन,क्रिश्चियन और बौद्ध शरणार्थियों को नागरिकता का अधिकार देता है। हालांकि, इसके तहत बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेग्युलेशन, 1873 के 'इनर लाइन' के दायरे में आने वाले इलाके शामिल नहीं होते। इस संबंध में जारी अधिसूचना के मुताबिक, 'संविधान की छठी अनुसूचि में शामिल असम, मेघालय, मिजोरम या त्रिपुरा के आदिवासी इलाके और बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेग्युलेशन, 1873 के 'इनर लाइन' से जुड़े क्षेत्रों में यह लागू नहीं होगा।'

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    English summary
    Giriraj Singh, Ghazwa-e-Hind supporters are fussing against the citizenship law
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