गौतम अडानी के बेटे जीत और बहू दिवा का 'मंगल सेवा' संकल्प, हर साल करवाएंगे 500 दिव्यांग लड़कियों की शादी

Gautam Adani Son: उद्योगपति और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अपने बेटे जीत अडानी और बहू दिवा अडानी के विवाह के शुभ अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि नवविवाहित जोड़ा हर साल 500 दिव्यांग महिलाओं की शादी के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर समाजसेवा का संकल्प लिया है।

जीत अडानी की शादी शुक्रवार को अहमदाबाद में दिवा शाह के साथ हो रही है। शादी से दो दिन पहले जीत ने 21 दिव्यांग नवविवाहित महिलाओं और उनके पतियों से मुलाकात कर इस पहल की आधिकारिक शुरुआत की।

Gautam Adani son

गौतम अडानी ने क्या कहा?

यह सामाजिक पहल अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी के सेवा और परोपकार के सिद्धांतों से प्रेरित है। उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपने विचार साझा करते हुए लिखा, "सेवा ही ध्यान है, सेवा ही प्रार्थना है और सेवा ही ईश्वर है।" उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि उनके बेटे जीत और बहू दिवा ने अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत एक नेक संकल्प के साथ की है।

गौतम अडानी ने कहा, "मुझे गर्व है कि जीत और दिवा ने हर साल 500 दिव्यांग नवविवाहित महिलाओं को 10 लाख रुपये की सहायता देने का संकल्प लिया है। यह पहल न केवल इन बेटियों के जीवन में आर्थिक स्थिरता लाएगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी देगी। मैं जीत और दिवा को इस सेवा के पथ पर आगे बढ़ने के लिए आशीर्वाद देता हूं।"

दिव्यांग महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर

इस पहल के माध्यम से जीत और दिवा समाज के जरूरतमंद वर्ग की मदद कर रहे हैं। दिव्यांग महिलाओं को अक्सर विवाह के बाद कई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 10 लाख रुपये की यह आर्थिक सहायता उन्हें न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगी, बल्कि वे इसका उपयोग छोटा व्यवसाय शुरू करने, शिक्षा जारी रखने या अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कर सकती हैं।

यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश भेजेगी और अन्य लोगों को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करेगी।

जीत अडानी कौन हैं?

जीत अडानी अडानी समूह के एक प्रमुख सदस्य हैं और वर्तमान में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। यह भारत की सबसे बड़ी एयरपोर्ट प्रबंधन कंपनी है, जो देशभर में 8 हवाई अड्डों का संचालन और विकास कर रही है।

इसके अलावा, जीत अडानी समूह के रक्षा, पेट्रोकेमिकल और कॉपर व्यवसायों की देखरेख भी करते हैं और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

परोपकार में उनकी रुचि उनकी मां, प्रीति अडानी से प्रेरित है, जिन्होंने अडानी फाउंडेशन को गुजरात के मुंद्रा के एक छोटे से प्रोजेक्ट से एक वैश्विक सामाजिक संगठन में बदल दिया। दिव्यांग लोगों की सहायता करने के प्रति जीत की गहरी प्रतिबद्धता 'मंगल सेवा' कार्यक्रम के रूप में सामने आई है, जो उनके समाजसेवी दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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