मालदीव और चीन के बीच FTA समझौते ने भारत की क्यों बढ़ाई चिंता?
नई दिल्ली। पिछले सप्ताह चीन और मालदीव के बीच एक महत्वपूर्ण करार हुआ, जिससे भारत को तगड़ा झटका लगा है। मालदीव ने चीन के साथ अपने पार्लियामेंट में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर दिया है। मालदीव ने पहली बार किसी देश के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर किया है। मालदीव और चीन के बीच इस समझौते के बाद भारत और द्वीप समूह वाले मुल्क के साथ द्विपक्षीय रिश्तों पर असर पड़ सकता है। कहने की जरूरत नहीं है कि मालदीव और चीन के साथ इस समझौते से भारत पर असर पड़ेगा। यह समझौता भारत और मालदीव के बीच होने वाला था, लेकिन करार चीन के साथ हुआ है, जो भारत के लिए चिंता का विषय है।

मालदीव-चीन का FTA समझौता
इस दोनों देशों के समझौते से मालदीव के साथ चीन अपने आयातों को करमुक्त करेगा, जिसमें ज्यादातर मछली उत्पादक शामिल है। वहीं, मालदीव अपने चीन के आयातों पर सीमा शुल्क खत्म कर देगा। मालदीव के राष्ट्रपति ने आधाकारिक रूप से कहा था कि FTA से दुनिया के सबसे बड़े कंज्यूमर मार्केट से मत्स्य उत्पोदों के निर्यात सीमा शुल्क में छूट मिलेगी। इस समझौते से मालदीव के आर्थिक वृद्दि को गति मिलेगी और अर्थव्यवस्था का भी विस्तार होगा। इस समझौते से दोनों देशों के बीच 95 प्रतिशत तक का कारोबार करमुक्त होगा।

भारत के लिए चिंता का विषय
चीन और मालदीव के बीच FTA समझौता भारत कि लिए चिंता का विषय है। चीन काफी लंबे समय से इस छोटे द्वीप पर अपनी नजरें गढ़ाए हुआ है, लेकिन भारत की भी माले में हो रही हर गतिविधियों पर नजर है। चीन का मालदीव में पहुंचना और उनके व्यापार में सबसे ज्यादा भागीदारी निभाना, भारत के लिए किसी तगड़े झटके से कम नहीं है। पाकिस्तान के बाद चीन ने दूसरे दक्षिणी एशियाई देश मालदीव के साथ FTA समझौते पर हस्ताक्षर किया है। भारत को चिंता है कि चीन मालदीव की जमीन को अपनी नौसेना के लिए उपयोग करेगा। मालदीव जैसा द्वीप समूह वाला देश भारत के लिए कूटनीति और रणनीतिक हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण है।

विपक्ष ने किया विरोध
चीन के साथ हुए इस समझौते से मालदीव की विपक्ष पार्टियां अपनी सत्तारूढ़ सरकार से नाराज है। मालदीव के पूर्व प्रधानमंत्री मोहम्मद नशीद ने चीन के साथ हुए इस समझौते को खुलेतौर पर विरोध करते हुए कहा कि इससे देश ना सिर्फ कर्ज में डूब जाएगा, बल्कि संप्रभुता को भी कमजोर करेगा। नशीद ने कहा कि पिछले 70 सालों से मालदीव में कर्ज में डूबा है और इस बीच चीन के साथ यह घाटे का सौदा कर देश को और ज्यादा गर्त में ले जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications