बुलंदशहर तक कहाँ से पहुँचे गायों के कंकाल?: ग्राउंड रिपोर्ट

बुलंदशहर हिंसा
BBC
बुलंदशहर हिंसा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पिछले तीन दिनों से कथित गोहत्या के बाद हुई हिंसा को लेकर तनाव बना हुआ है.

हिंसा में एक पुलिस अफ़सर और स्थानीय व्यक्ति की हत्या हो चुकी है और कई लोग अभी भी गंभीर रूप से घायल हैं.

तीन गिरफ़्तार भी हो चुके हैं और 20 से ज़्यादा लोगों की तलाश जारी है.

इस सबके बीच सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आख़िर एकाएक बुलंदशहर के एक छोटे से गाँव में गायों के इतने कंकाल एक साथ कैसे पहुँचे.

https://www.youtube.com/watch?v=G4TmHng3ARc

गाँव का जाज़ा

बुलंदशहर से हापुड़ जाने वाले राजमार्ग पर क़रीब आधे घंटे की दूरी पर चिंगरावठी थाना पड़ता है जो सोमवार को हुई हिंसा का केंद्र था.

इस थाने से सटी हुई एक पतली सी सड़क खेतों के भीतर जाती है और क़रीब डेढ़ किलोमीटर बाद आप महाव गाँव पहुँच जाते हैं.

ये वही गाँव है जहाँ जानवरों के या स्थानीय लोगों के मुताबिक़ गायों के कंकाल बरामद हुए थे.

गाँव में एक भयावह ख़ामोशी है क्योंकि आधे से ज़्यादा घर बंद पड़े हैं. लगभग सभी घरों के इर्द-गिर्द मवेशी दिखते हैं और भागीरथ नाम के एक व्यक्ति ने हमारे इस सवाल का जवाब दिया कि, क्या किसी की गायें कम हैं या लापता चल रही हैं.

बुलंदशहर हिंसा
BBC
बुलंदशहर हिंसा

उन्होंने कहा, "यहाँ तो सभी के मवेशी हैं. मेरी समझ से किसी के भी मवेशी कम नहीं हैं."

मेरा अगला सवाल था, "तो फिर रविवार की उस रात एकाएक क़रीब एक दर्ज़न गायों के कंकाल कहाँ से आए?".

उनका जवाब था, "सुना तो यही है कि गायों के झुंड को काट डाला गया था वहाँ. क्या पता गायें कहाँ की थीं."

महाव में कोई भी व्यक्ति इस बारे में बात करने को तैयार नहीं. पिछले दो दिनों से पुलिस की दबिश जारी है, कई मुस्लिम परिवारों के घरों पर ताले लगे हैं और तमाम हिंदू भी फ़रार चल रहे हैं.

https://www.facebook.com/BBCnewsHindi/videos/357178275029891/?notif_id=1543902669058929¬if_t=live_video_explicit

कंकाल कैसे पहुंचे?

ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि दर्ज़न भर कंकाल यहाँ कैसे पहुँचे.

अगर कुछ स्थानीय लोगों की बात मानी जाए तो, "रविवार रात महाव में गोकशी की बड़ी घटना हुई".

लेकिन गाँव के ठीक बग़ल अगर रात को दर्जन भर पशुओं की हत्या हुई भी तो दो बड़े सवालों का जवाब किसी के पास नहीं.

पहला ये कि दर्जन भर पशुओं को मारने के लिए कितने लोग पहुँचे और कहाँ से आए. फिर वे ग़ायब कैसे हो गए.

दूसरा ये कि दर्जन भर पशुओं को मारते समय जो कोलाहल मचता है उसे रात के सन्नाटे में किसी गाँव वाले ने क्यों नहीं सुना.

बुलंदशहर हिंसा
BBC
बुलंदशहर हिंसा

ज़िले के एक आला प्रशासनिक अधिकारी ने नाम न लिए जाने की शर्त पर बताया, "ये हमारी समझ के बाहर है कि कंकालों के मिलने के बाद इतने कम समय में सैंकड़ों लोग जमा हो गए. राजमार्ग जाम करने के लिए ट्रैक्टर पहुँच गए और कुछ लोगों ने राजनीति भी शुरू कर दी".

इस बात को भी ग़ौर करने की ज़रूरत है कि इलाक़े में पिछले छह महीने में कथित गोहत्या के कई मामले सामने आए हैं.

स्याना, गुलावटी और क़रीब दो महीने पहले खुर्जा में ऐसी अफ़वाहें फैली थीं कि "बड़े स्तर पर गोकशी हुई है."

खुर्जा पुलिस ने पाँच लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा भी दर्ज किया था और उनके ऊपर पच्चीस हज़ार रुपए का इनाम भी घोषित है.

मक़सद क्या?

बुलंदशहर में सोमवार को भड़की हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने सबसे पहले जारी किया गए बयानों में साफ़ किया था कि इस घटना को मज़हबी रंग क़तई नहीं दिया जाना चाहिए.

दरअसल लाखों मुसलमान 1-3 दिसंबर तक उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर (दरियापुर इलाक़े) में आयोजित 'इज़्तेमा' में पहुँचे थे.

इज़्तेमा को 'मुसलमानों का सत्संग' कहा जा सकता है. इन आयोजनों में मुस्लिम धर्म गुरु मुसलमानों से अपनी बुनियादी शिक्षाओं की ओर लौटने का आह्वान करते हैं. भारत में सबसे बड़ा इज़्तेमा भोपाल में आयोजित होता है. तीन दिन के इस कार्यक्रम में ज़्यादातर सुन्नी मुसलमान शिरकत करते हैं.

मुस्लिम धर्म गुरुओं के अनुसार, इज़्तेमा को राजनीतिक मुद्दों से हमेशा दूर रखा जाता है.

हालाँकि चिंगरावठी वहाँ से थोड़ी दूरी पर है, लेकिन प्रशासन को डर था कि कहीं मामला धार्मिक रंग न ओढ़ ले.

मामले की जाँच जारी है और इस साथ ही इस बात कि भी कि आख़िर इतने सारे कंकाल एकाएक एक छोटे से गाँव तक कैसे पहुँचे.

ग़ौर करने वाली एक आख़िरी और अहम बात ये भी है कि इस गाँव तक जाने वाली, संकरी सी, एकमात्र पक्की सड़क चिंगरावठी थाने के ठीक बगल से ही जाती है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+