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वैक्सीन सर्टिफिकेट पर PM मोदी की फोटो, JNU के पूर्व प्रोफेसर ने कोरोना टीका लगवाने से किया इनकार

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चंडीगढ़, 29 अप्रैल: भारत में 01 मई 2021 से तीसरा वैक्सीनेशन चरण शुरू हो रहा है, जिसके तहत अब 18 से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीनेट किया जाएगा। इसी बीच कोरोना वैक्सीन की मिलने वाली सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को लेकर फिर से विवाद शुरू हो गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी में पूर्व डीन और दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल ने कोरोना वायरस वैक्सीन लगाने से इनकार कर दिया है। वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर है। जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल की उम्र 74 साल है और उनको ऐसे वक्त में वैक्सीनेशन की सख्त जरूरत है। लेकिन उन्होंन टीका ना लगवाने की बात की है। इसके लिए उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र भी लिखा है।

    JNU के पूर्व प्रोफेसर का Corona Vaccine लगवाने से इनकार, PM Modi की फोटो से आपत्ति | वनइंडिया हिंदी
    'वैक्सीन लगवाने की जरूरत है, लेकिन PM मोदी की फोटो पर आपत्ति है'

    'वैक्सीन लगवाने की जरूरत है, लेकिन PM मोदी की फोटो पर आपत्ति है'

    74 वर्षीय जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल ने कहा, ''मैंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है। हालांकि डॉक्टरों ने मुझे वैक्सीन लेने की सलाह दी है। मैं जानता हूं कि मुझे वैक्सीन लेने की जरूरत है। लेकिन मुझे व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से कुछ आपत्‍त‍ियां हैं, जो कि पंजाब भारत के एक नागरिक के रूप में है। यही वजह है कि मैंने अभी तक वैक्सीन नहीं है और अभी भी अनिच्छुक हूं। वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो होना, मैं उचित नहीं मानता हूं। इस दस्तावेज पर किसी चिकित्सा अधिकारी की हस्ताक्षर होने चाहिए थे। इसकी वजह से मैंने अभी तक वैक्‍सीन नहीं ली है।'

    किसी दूसरे देश के वैक्सीन सर्टिफिकेट पर राजनीतिक नेता की तस्वीर नहीं है: चमनलाल

    किसी दूसरे देश के वैक्सीन सर्टिफिकेट पर राजनीतिक नेता की तस्वीर नहीं है: चमनलाल

    जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखते हुए वैक्सीन सर्टिफिकेट से पीएम मोदी की तस्वीर हटाने की मांग की है। जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल ने कहा, उम्मीद है कि वैक्सीनेशन से लाखों लोगों की जिंदगी बचाई जाएगी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को प्रमाण-पत्र में जबरन और अनिवार्य रूप से लगाया जाना, मुझे अनुचित लगता है।

    चमनलाल ने दावा किया है कि किसी अन्य देशों में जारी किसी वैक्सीन सर्टिफिकेट पर राजनीतिक नेता की तस्वीर नहीं है। उनका कहना है कि भारत में ही सिर्फ नेता की तस्वीर के साथ वैक्सीन सर्टिफिकेट दिया जा रहा है।

    नेता भी उठा चुके हैं वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो पर आपत्ति

    नेता भी उठा चुके हैं वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो पर आपत्ति

    ये भी पढ़ें-कोरोना वैक्सीन के लिए 18 से 45 वर्ष वालों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य, जानिए कैसे करें?ये भी पढ़ें-कोरोना वैक्सीन के लिए 18 से 45 वर्ष वालों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य, जानिए कैसे करें?

    हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब कोरोना वैक्सीन की सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो को लेकर आपत्ति जताई गई है। इससे पहले भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक वैक्सीन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो को लेकर कमेंट किया था। पीटीआई-भाषा के मुताबिक नवाब मलिक ने कहा था, अगर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाई जाती है तो कोरोना से जान गंवान वाले लोगों के डेथ सर्टिफिकेट पर भी उनकी तस्वीर लगनी चाहिए।

    English summary
    Former JNU professor refuses To take Coronavirus vaccine due to pm modi picture on vaccine certificate
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