दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर गिलानी का निधन, संसद पर हमले के आरोप से हुए थे बरी

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज में अरबी पढ़ा चुके सैयद अब्दुल रहमान गिलानी का गुरुवार को निधन हो गया। परिवार के मुताबिक, कार्डिएक अरेस्ट के कारण एसएआर गिलानी की मौत हुई। संसद पर 2001 में हुए आतंकी हमले में उनका नाम आया था और स्पेशल कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में वह सुप्रीम कोर्ट से बरी हो गए थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं।

former DU professor SAR Geelani dies of cardiac arrest, was acquitted in parliament attack

बताया जा रहा है कि शाम करीब 5 बजे दिल्ली के नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन स्थित जिम में उनको सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके तुरंत बाद उन्हें ग्रेटर कैलास के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिल्ली पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम कराना चाहती है लेकिन उनके परिवार के लोग तैयार नहीं हो रहे थे। गिलानी सुरक्षा घेरे में थे, लिहाजा दिल्ली पुलिस शव का पोस्टमॉर्टम कराना चाहती है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एम्स में शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। गिलानी को 2001 में हुए संसद पर हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया था। स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में गिलानी को सजा सुनाई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट से इसी मामले में उनको बरी किया था। संसद पर हमले में नाम आने के बाद गिलानी को कॉलेज से निलंबित कर दिया गया था। गिलानी लंबे समय से अपने परिवार के साथ जाकिर नगर इलाके में रहते थे।

इस केस में गिलानी के अलावा पोटा के तहत अफजल गुरू और शौकत हुसैन को भी गिरफ्तार किया था। बाद संसद पर हमले के केस में दोषी पाए जाने पर अफजल गुरु को फांसी दी गई। एक बार पूर्व प्रोफेसर गिलानी पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जब वह वकील नंदिता हकसर के घर के पास थे, उस वक्त हमलावर ने उनपर 5 गोलियां चलाई थी।

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