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हादसे से रेलवे ने लिया सबक, 5 महीनों के भीतर हटा दिए सभी मानवरहित क्रासिंग

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नई दिल्ली। इस साल अप्रैल में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के पास एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन की चपेट में आने से स्कूल वैन में सवार 13 स्कूली बच्चों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से रेलवे ने सबक लिया और 5 महीने के भीतर ही देशभर के प्रमुख मार्गों में सभी स्तरों पर क्रासिंग को हटा दिया । इतना ही नहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल के निर्देश के मुताबिक इस साल सितंबर तक सभी मानव रहित स्तर क्रॉसिंग को खत्म कर दिया जाएगा।

 In five months, Indian Railways removes all unmanned crossings on major routes

रेलवे ने व्यस्त मार्गों को मानव रहित स्तर क्रॉसिंग से मुक्त किया है। वहीं इन स्थानों पर वाहनों के लिए सब-वे बनाने का काम चल रहा है। रेलने ने मानव रहित क्रॉसिंग पर होने वाले हादसों पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है और कुशीनगर हादसे के बाद उसपर तेजी से काम शुरू कर दिया। रिकॉर्ड के अनुसार इस महीने के अंत तक 600 मानव रहित स्तर क्रॉसिंग हटाए जाएंगे। ये सभी मार्ग जहां ट्रेनों की प्रति घंटे 130 किमी तक की स्वीकार्य गति है, अब मानव रहित स्तर क्रॉसिंग से मुक्त हैं।

आंकड़ों के मुताबिक इस साल अप्रैल में भारतीय रेलवे नेटवर्क में 3,470 मानव रहित स्तर क्रॉसिंग थे, उनमें से 1,300 को अब हटा दिया गया है। रेलवे ने इस अभियान के तहत इन गेटों पर तैनात करने के लिए करीब 400 पूर्व सैनिको की भर्ती की तैयारी की है। रेलवे के मुताबिक उत्तर रेलवे की 109, उत्तर मध्य रेलवे की 183, एनसीआर की 32 रेलवे क्रॉसिंग को इस साल के अंत कर मानवयुक्त बना लिया जाएगा।

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English summary
Indian Railways: Since 2007-08, 1,272 people have died in accidents at unmanned level crossings, the highest being in 2011-12, when 204 were killed.
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