500-1000 के नोट पर मोदी सरकार के फैसले को इन पांच नेताओं ने कोसा
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार के इस फैसले को आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक करार देते हुए कहा कि यह देश हित में सही साबित नहीं होगी।
नई दिल्ली। काला धन खत्म करने को लेकर मोदी सरकार की ओर से 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने और नए नोट जारी करने के फैसले को विपक्ष ने आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि मोदी सरकार का यह फैसला आम आदमी के खिलाफ और सरकार ने जल्दबाजी में यह फैसला लिया है। पढ़िए इन पांच नेताओं के बयान, जिन्होंने मोदी सरकार को कोसा है।

दिग्विजय सिंह
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार के इस फैसले को आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक करार देते हुए कहा कि यह देश हित में सही साबित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक संकट आने वाला है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले टैक्स अधिकारियों ने व्यापारियों को मारा, अब 500 और 1000 के जमा नोट उनकी मुसीबत बनेंगे। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'नगदी में केवल छोटा और मध्यम व्यापारी ही धंधा करता है। बड़े तो चेक और प्लास्टिक मनी से करते हैं। अब पोस्ट ऑफिस और बैंक अधिकारियों की चांदी।'

सीताराम येचुरी
सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने सरकार के फैसले को जुमलानॉमिक्स करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला ना तो विदेशों में जमा काला धन लाने में मदद करने वाला है और ना ही सोने या प्रॉपर्टी में इनवेस्ट किया गया पैसा इससे पता चलने वाला। येचुरी ने कहा कि यह बेहद कमजोर फैसला है। यह फैसला उन लाखों लोगों को प्रताड़ित करने वाला है जो बैंकिंग सिस्टम से नहीं जुड़े।

ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि नरेंद्र मोदी अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी काला धन वापस लाने में नाकाम रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं पीएम मोदी से जानना चाहती हूं कि मेरे गरीब भाई-बहन जो दिन भर में 500 रुपए कमाते हैं, वो कल उस 500 रुपए के नोट से कैसे आटा-चावल खरीदेंगे। बाजार में 100 रुपए के नोट उपलब्ध नहीं है। बाजार में उनकी उपलब्धता के बगैर किसान, मजदूर, सभी कर्मचारी अपनी जरूरत का सामान कैसे खरीदेंगे?'

मनीष तिवारी
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा पीएम मोदी को मोहम्मद बिन तुगलक करार देते हुए कहा कि अब अगला कदम देश की राजधानी को दिल्ली से दौलताबाद शिफ्ट करने का होगा। उन्होंने मोदी सरकार के फैसले की निंदा करते हुए कहा कि 65 फीसदी भारतीय आबादी खेती पर निर्भर है। उनका जुड़ाव बैंकिंग सिस्टम से नहीं है, ऐसे में उनके सामने बड़ा संकट आने वाला है। आधुनिक तुकलग ने क्या फरमान सुनाया है।

डेरेक ओ'ब्रायन
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने मोदी सरकार के इस फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि सरकार को यह फैसला जल्द ही वापस लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'यह फैसला ज्यादा सोच समझकर नहीं लिया गया। इसे कुछ ही घंटों में या कुछ दिनों में वापस लिए जाने की जरूरत है।' टीएमसी नेता ने कहा कि सरकार विदेशों से काला धन वापस लाने के बजाय आम आदमी पर दबाव डाल रही है।












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