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MP News: किसान कल्याण वर्ष: कैबिनेट ने 10,500 करोड़ की पांच योजनाओं को 2031 तक बढ़ाया, उड़द पर 600 रुपये बोनस

कैबिनेट ने 2031 तक पाँच किसान कल्याण योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी, जिसमें 600 रुपये प्रति क्विंटल उड़द बोनस और MSP ढांचे के तहत सरसों लाना शामिल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका और कृषि उत्पादकता को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा सत्र के दौरान मंत्रि-परिषद् की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि आज की पूरी कैबिनेट किसानों को समर्पित रही। उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत सरकार ने करीब 10,500 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच किसान हितैषी योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया है।

Farmer Welfare Schemes Extended to 2031

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद् ने कृषि और कृषि से जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिससे प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दलहन फसल उड़द के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नवाचार किया है। उड़द की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी और इसके अतिरिक्त किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम देश में पहली बार उठाया गया है।

सरसों को भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में सरसों के उत्पादन में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 3.38 मीट्रिक टन उपार्जन की संभावना है। सरसों की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि "हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं।" सदन में की गई घोषणा को कैबिनेट ने तत्काल मंजूरी दे दी है।

31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी ये पांच योजनाएं

मंत्रि-परिषद् ने जिन पांच योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक निरंतर रखने की मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं: 1. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना करीब 2008.68 करोड़ रुपये की इस योजना से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। 2. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) 2393.97 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत किसानों को स्प्रिंकलर और ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने के लिए अनुदान 31 मार्च 2031 तक मिलता रहेगा। इससे माइक्रो इरीगेशन का विस्तार होगा।

3. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना 3285.49 करोड़ रुपये की इस योजना से धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलों के उत्पादन में वृद्धि और मिट्टी की उर्वरता सुधार के लिए सहयोग मिलता रहेगा। 4. नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग 1011.59 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, रसायन मुक्त खाद्य उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।

5. राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना 1793.87 करोड़ रुपये की इस योजना से तिलहन फसल उत्पादक किसानों को निरंतर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार होगा और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान लिए गए ये फैसले प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देंगे और "समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश" का लक्ष्य साकार करेंगे।

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