आईएसी विक्रांत से 30 फाइटर जेट्स भर सकते हैं उड़ान, 2 सितंबर को पीएम मोदी सौंपेंगे नौसेना को
नई दिल्ली, अगस्त 24। हाल ही में श्रीलंका के हंबनटोटा पोर्ट पर चीन के जासूसी जहाज की तैनाती से भारत में खलबली मच गई थी। इस पोर्ट की तैनाती के बाद यह सवाल उठे थे कि आपात स्थिति में भारत की समुद्री सीमा कितनी सुरक्षित है? हालांकि भारत के कड़े विरोध के बाद यह जहाज 6 दिन के बाद ही चीन रवाना हो गया था। अब इस घटनाक्रम के बाद भारत की समुद्री सीमा को एक नई मजबूत मिलने जा रही है। दरअसल, 2 सितंबर को भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट आईएसी विक्रांत मिलने जा रहा है।
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पीएम मोदी आईएसी विक्रांत को देंगे नौसेना को
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईएसी विक्रांत को भारतीय नौसेना को सुपुर्द करेंगे। आपको बता दें कि यह पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट होगा, जो नेवी को मिलेगा। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के अंदर इस पोत को नौसेना में शामिल कराया जाएगा। इसी कंपनी ने इस पोत को बनाया है। इसमें 76 फीसदी पार्ट्स मेड स्वदेशी हैं। हाल ही में इसके चार चरणों का ट्रायल पूरा हुआ था। इस ट्रायल के दौरान विक्रांत के हथियार, सिस्टम और एविएशन फैसेलिटी कॉम्पेलक्स की टेस्टिंग की गई थी।

20 हजार करोड़ की लागत से बना है यह जहाज
आपको बता दें कि इस जहाज की टोटल केबलिंग लंबाई 2400 किलोमीटर है, जो कोच्चि से दिल्ली की दूरी के बराबर है। इसके अलावा इस जहाज पर मिग-29-के फाइटर जेट, एएलएच और कामोव हेलीकॉप्टर विक्रांत के डेक रखे जा सकते हैं। आपको बता दें कि मिग 29 के एक फाइटर जेट का वजन दो अफ्रीकी हाथियों के बराबर है। इस जहाज को 20 हजार करोड़ की लागत से बनाया गया है और इसके निर्माण की शुरुआत साल 2009 में हुई थी।

आईएसी विक्रांत के बारे में अन्य रोचक जानकारियां
- आईएसी विक्रांत का टोटल स्पेस दो फुटबॉल ग्राउंड के बराबर है। आईएसी विक्रांत के नेवी को मिलने के बाद भारत उन देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास स्वदेशी एयरक्राफ्ट है।
- आईएसी विक्रांत का वजन करीब 40 हजार टन है और इसपर एक साथ 30 फाइटर जेट्स तैनात हो सकते हैं, जिसमें MiG-29K, Kamov-31 और MH-60R फाइटर जेट्स शामिल हैं।
- इसके अलावा आईसी विक्रांत में मेडिकल इमरजेंसी की सुविधाएं भी होंगी। इस जहाज के अंदर 16 बेड का एक अस्पताल होगा, जिसमें 2 ऑपरेशन थिएटर होंगे। इस अस्पताल में सीटी स्कैन समेत सभी मेडिकल सुविधाएं होंगी
- आईएसी विक्रांत में एकसाथ 2000 के करीब लोग आ सकते हैं। इसमें 2300 से ज्यादा कंपार्टमेंट हैं। यह जहाज एकबार में 7500 समुद्री मील की दूरी तय कर सकता है। आईएसी विक्रांत की लंबाई 262 मीटर है, वहीं इसकी चौड़ाई 62 मीटर और ऊंचाई 59 मीटर है।












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