भारत में बर्ड फ्लू से इस साल पहली मौत, दिल्ली एम्स में 11 वर्षीय लड़के ने दम तोड़ा

भारत में मंगलवार को इस साल बर्ड फ्लू से होने वाली मौत का पहला मामला सामने आया। मंगलवार को दिल्ली एम्स में एक 11 वर्षीय लड़के की एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा से मौत हो गई।

नई दिल्ली, 20 जुलाई। भारत में मंगलवार को इस साल बर्ड फ्लू से होने वाली मौत का पहला मामला सामने आया। मंगलवार को दिल्ली एम्स में एक 11 वर्षीय लड़के की एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा से मौत हो गई। अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि लड़के के संपर्क में आए सभी कर्मचारी आइसोलेशन में हैं। इस साल जनवरी में कई राज्यों ने अपने यहां पक्षियों के मरने की पुष्टि की थी, जिसमें कौए और प्रवासी पक्षी शामिल थे। पक्षियों की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया और बर्ड फ्लू की जांच के लिए उनके सैंपल लिए गए। केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई और महाराष्ट्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।

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    खबरों के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल से लिए गए सैंपलों में वायरस के ए (H5N8) स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी जबकि हिमाचल प्रदेश से लिए गए सैंपलों में (H5N1) की पुष्टि हुई थी। बॉम्बे वेटनरी कॉलेज के डॉक्टर एएस रानाडे ने जनवरी में मीडिया के हवाले से कहा था कि दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की तुलना में भारत में एच5एन1 वायरस से मनुष्यों को संक्रमितकरने की संभावना तुलनात्मक रूप से कम है और इसका मुख्य कारण खान-पान की आदतों में अंतर है।

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    उन्होंने कहा था कि 70 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान में वायरस तुरंत मर जाता है। दक्षिण पूरी देशों के इतर भारत में मीट और अंडों को अच्छी तरह पकाया जाता है, जिसका मतलब है कि वो 100 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा के तापमान के संपर्क में आते हैं। इसलिए भारत में चिकन या अंडे खाने से बर्ड फ्लू के संपर्क में आने की संभावना बेहद कम है।

    बर्ड फ्लू और एवियन इन्फ्लूएंजा पक्षियों में होने वाले वायरल इन्फेक्शन का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसमें मनुष्यों और अन्य जानवरों को प्रभावित करने की क्षमता होती है। मनुष्यों में सांस संबंधी गंभीर बीमारी का कारण बनने वाले वायरस का सबसे आम प्रकार H5N1 है। H7, H8 जैसे कई अन्य वेरिएंट भी संक्रमण का कारण बनते हैं।

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