वित्त मंत्री Sitharaman Mahua Moitra पर बिफरीं, 'माचिस का इस्तेमाल' और 'पप्पू' वाले बयान पर संसद से करारा जवाब
Pappu वाले बयान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा पर हमला बोला है। वित्त मंत्री ने लोक सभा में बोलते हुए तृणमूल सांसद को अपने गिरेबां में झांकने की नसीहत दी है।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने "पप्पू" की खोज करने वाला बयान दिया। उनके इस बयान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि तृणमूल सांसद को ऐसे बयान देने से पहले अपने "गिरेबां" में झांक कर देख लेना चाहिए। महुआ मोइत्रा के उपहास पर पलटवार करते हुए वित्त मंत्री ने लोकसभा में केंद्र सरकार की योजनाओं का ब्यौरा दिया। उन्होंने बंगाल सरकार के बहिष्कार की ओर इशारा करते हुए लंबी और व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी में टीएमसी सांसद की बातों का खंडन किया।
पश्चिम बंगाल में पप्पू...
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कहा, "माननीय सदस्य महुआ मोइत्रा ने सवाल किया है कि पप्पू कौन है, पप्पू कहां है ? उन्हें अपने गिरेबां में झांकना या गृह प्रदेश में देखना चाहिए। वह पश्चिम बंगाल में पप्पू को ढूंढ लेंगी।"
वित्त मंत्री का जवाब- केंद्र सरकार की योजनाएं अद्भुत
बता दें कि बंगाल से निर्वाचित टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मंगलवार को "मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स" पर सवाल उठाया था। महुआ ने कटाक्ष के दौरान तल्ख लहजे में पूछा था कि "अब पप्पू कौन है।" पलटवार करते हुए वित्त मंत्री ने टिप्पणी की, "सभी मैक्रो-इकोनॉमिक्स फंडामेंटल्स पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि आम लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार अद्भुत योजनाएं चला रही है। पश्चिम बंगाल ऐसी योजनाओं को लागू नहीं करता। ऐसे में आप को पप्पू की कहीं और तलाश नहीं करनी पड़ेगी।"
लोकतंत्र में नेता जनता चुनती है
सीतारमण ने कहा, "माचिस किसके हाथ में है।" ऐसा कहना और भी बुरा है। उन्होंने कहा, "मैं इस पर बहुत विस्तार नहीं करना चाहती, क्योंकि शायद महुआ अपने सवालों को मसाला देना चाहती थीं... लोकतंत्र में लोग नेता का चुनाव करते हैं। लोगों को यह कहकर कमजोर नहीं करना चाहिए कि उन्हें सत्ता किसने सौंपी है।
माचिस का इस्तेमाल कैसे और किसने किया
लोक सभा में अपनी टिप्पणी के दौरान वित्त मंत्री ने भाजपा को गुजरात में मिली चुनावी जीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, गुजरात में चुनावी नतीजों के बाद शांतिपूर्ण तरीके से सरकार बनी, लेकिन पिछले साल बंगाल में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को मिली सफलता के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के घर जलाए गए। बकौल वित्त मंत्री सीतारमण, "सवाल यह है कि वहां माचिस का इस्तेमाल कैसे और किसके द्वारा किया गया? जब माचिस हमारे हाथ में थी, तो हम उज्ज्वला, उजाला, पीएम किसान योजना, स्वच्छ भारत अभियान दिया। आपके हाथों में माचिस आई तो हमारे (भाजपा) कार्यकर्ताओं को लूटा गया, बलात्कार हुए।"
सरकार को क्यों चाहिए 3 लाख करोड़ रुपये ?
दिलचस्प है कि संसद में सबसे उग्र वक्ताओं में से एक की पहचान रखने वाली टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आर्थिक प्रगति के दावों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए वित्त वर्ष 2022-23 में अनुदानों के लिए पूरक मांगों के रूप में अतिरिक्त 3 लाख करोड़ रुपये की संसदीय मंजूरी पर कटाक्ष किया था। सरकार का कहना है कि पैसों की जरूरत उर्वरक, भोजन और रसोई गैस जैसी वस्तुओं पर उच्च सब्सिडी बिल के भुगतान के लिए है।
उड़ता झूठ और सच्चाई लंगड़ाकर आती है
अर्थव्यवस्था पर केंद्र के दावों और बुनियादी सुविधाओं के प्रावधान को "झूठ" करार देते हुए, महुआ मोइत्रा ने कहा कि आठ महीने बाद दिसंबर में स्थिति स्पष्ट हो गई है। उन्होंने ब्रिटिश लेखक जोनाथन स्विफ्ट को उद्धृत करते हुए कहा, "झूठ उड़ता है और सच्चाई उसके पीछे लंगड़ाकर आती है।" महुआ ने कहा, "इस सरकार और सत्ताधारी पार्टी ने पप्पू शब्द गढ़ा। आप इसका इस्तेमाल अत्यधिक अक्षमता, बदनाम करने और इंगित करने के लिए करते हैं। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि असली पप्पू कौन है।" उन्होंने प्रदर्शन के दावों पर सरकार को चुनौती देने के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी नवीनतम आंकड़ों का भी हवाला दिया। महुआ ने कहा कि अक्टूबर में जहां औद्योगिक उत्पादन चार फीसदी घटकर 26 महीने के निचले स्तर पर आ गया। 'अभी भी नौकरियों का सबसे बड़ा उत्पादक' विनिर्माण क्षेत्र 5.6 फीसदी तक सिकुड़ गया है।
हिमाचल में नड्डा फेल ! पप्पू कौन है ?
भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा के गृह राज्य हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों का जिक्र कर महुआ ने भाजपा की हार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, सत्तारूढ़ दल के अध्यक्ष अपने गृह राज्य पर पकड़ नहीं बना सके ऐसे में "अब पप्पू कौन है?"












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