अमेरिका में वित्त मंत्री से लखीमपुर खीरी हिंसा पर सवाल, सीतारमण ने दिया ये जवाब
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां हार्वर्ड केनेडी स्कूल में बातचीत के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा को 'पूरी तरह निंदनीय' बताया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लखीमपुर खीरी मामले पर कहा कि भारत के और हिस्सों में भी समान रूप से ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन उन्हें उसी वक्त उठाया जाना चाहिए और जब वो घटित हुई हो, ना कि तब उठाया जाए तब किसी राज्य में बीजेपी की सरकार होने के कारण कुछ लोगों को ऐसी घटनाओं को उठाना अनुकूल लगता हो।

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अमेरिका पहुंची वित्त मंत्री ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। 4 किसानों की मौत और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बारे में में उनसे सवाल किया था, जिसके जवाब में उन्होंने यह टिप्पणी की। इसी के साथ केंद्रीय मंत्री ने यह भी पूछा गया कि इस घटना पर प्रधानमंत्री, वरिष्ठ मंत्रियों से कोई शब्द क्यों नहीं कहा गया और जब किसी ने ऐसी चीजों के बारे में सवाल पूछा तो 'रक्षात्मक प्रतिक्रिया' क्यों हुई।
इस सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा, 'नहीं, बिल्कुल नहीं... आप पर अच्छा लगा कि आपने एक ऐसी घटना को उठाया जो बिल्कुल निंदनीय है, हम में से हर कोई ऐसा कहता है। इसी तरह दूसरी जगहों पर हो रही घटनाएं मेरी चिंता का कारण हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि भारत में इस तरह के मामले देश के बहुत से अलग-अलग हिस्सों में समान रूप से हो रहे हैं। मैं चाहती हूं कि आप और डॉ. अमर्त्य सेन सहित कई अन्य लोग, जो भारत को जानते हैं, वे जब कभी ऐसी घटना होती है, उसे हर बार उठाएं। इस तरह की घटना को सिर्फ उस वक्त नहीं उठाया जाए, जब इन्हें उठाना हमारे लिए इसलिए अनुकूल है, क्योंकि यह एक ऐसे राज्य में हुई, जहां बीजेपी सत्ता में है।
उन्होंने कहा कि मेरे एक कैबिनेट सहयोगी का बेटा शायद मुश्किल में है और यह भी मान लें कि यह वास्तव में उन्होंने ही किया है और किसी और ने नहीं। इस घटना के पीछे किसका हाथ है, यह पता लगाने के लिए पूर्ण जांच की जाएगी। इसी के साथ मंत्री ने कहा कि और यह मेरी पार्टी या मेरे प्रधानमंत्री के बचाव के बारे में है। यह भारत के बचाव के बारे में है। मैं भारत के लिए बात करूंगी, मैं गरीबों के लिए न्याय की बात करूंगी। मेरा उपहास नहीं किया जाएगा और अगर यह मजाक किया जाएगा तो मैं खड़ी होने अपने बचाव में कहूंगी कि 'क्षमा करें, तथ्यों पर बात करते हैं' यही मेरा आपके लिए जवाब है।'












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