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'आत्मघाती हमलावर' के शक में पकड़ी गई सादिया आई सामने, किया बड़ा खुलासा!

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    पुणे। महाराष्ट्र पुलिस की पुणे ATS टीम ने पुणे की जिस सादिया शेख के ISIS से जुड़े होने और गणतंत्र दिवस के मौके पर आत्मघाती हमले को अंजाम देने का अलर्ट जारी किया था, उसे क्लीन चिट मिलने के बाद आद वह सोमवार को मीडिया के सामने आई। सादिया ने प्रेस वार्ता के दौरान कई बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पुलिस ने कभी गिरफ्तार ही नहीं किया बल्कि वे खुद ही पुलिस के सामने गई थीं। साथ ही उन्होंने मीडिया पर खुद की छवि को धूमिल करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि वे घाटी में नर्सिंग की पढ़ाई करने गई थीं। उनका किसी आतंकी संगठन से कोई वास्ता नहीं है।

    'मेरी छवि को धूमिल करने के लिए मीडिया जिम्मेदार'

    'मेरी छवि को धूमिल करने के लिए मीडिया जिम्मेदार'

    मेरी छवि को खराब करने के लिए मीडिया ही पूरी तरह से जिम्मेदार है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के मुताबिक मैं उनके लिए एक संदिग्ध थी, पर मीडिया ने तो मुझे आतंकवादी ही घोषित कर दिया था। मैं अपने भूतकाल को भूलकर अपना अच्छा भविष्य बनाना चाहती हूं, पर मेरे भूतकाल को उछाल-उछाल कर दिखाया जा रहा है। मेरे भविष्य को खराब करने के लिए मीडिया ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। पुलिस के समक्ष में खुद पेश हुई, कश्मीर पुलिस, एटीएस, इंटेलिजेन्स ब्यूरो और बहुत सी एजेंसियों ने मुझसे जम्मू में आने की काफी पूछताछ की थी, जिसपर मैंने सारे सबूत पेश किए थे कि मैं जम्मू में पढ़ाई के लिए आई हूं। मुझे वहां से क्लीन चिट मिली है और मैं पूरी तरह से निर्दोष साबित हुई हूं।

    'मैंने खुद मेरी पहचान बताई थी पुलिस को'

    'मैंने खुद मेरी पहचान बताई थी पुलिस को'

    सादिया शेख ने बताया कि 16 जनवरी को मैं जम्मू गई थी, जम्मू में रहने वाली मेरी एक फ्रैंड ने मेरे रहने, खाने और पढ़ाई की पूरी व्यवस्था की थी। जम्मू जाने से पहले मैंने मेरी फ्रैंड से वहां पर कोर्स करने के लिए पूछताछ भी थी। नर्सिंग का कोर्स करने के लिए मैंने जम्मू में एडमिशन भी लिया है लेकिन 22 जनवरी से मेरे खिलाफ मीडिया में खबरें दिखाई जाने लगी, जिसमें मुझे सुसाइड बॉम्बर घोषित किया गया। श्रीनगर में 26 जनवरी के दिन परेड में सुसाइड बम के जरिए हमला करने जैसी संगीन आरोप लगाए गए, यह खबर सुनकर मैं काफी आश्चर्यचकित थी, मेरी मां ने मुझसे फोन के जरिए संपर्क किया था कि मेरे बारे में न्यूज में खबरें आ रही हैं।

    'मेरे बारे में गलत अफवाह उड़ाई गई'

    'मेरे बारे में गलत अफवाह उड़ाई गई'

    यह पूरा क्या माजरा है। मैंने मां को उसी वक्त बताया था कि ऐसा कुछ भी नहीं है, मेरे बारे में गलत अफवाह उड़ाई जा रही है। दो दिनों तक मैं अपनी मां से संपर्क नहीं कर सकी थी कि क्योंकि जम्मू में दो दिनों तक नेटवर्क बंद थे। मेरा मोबाइल बंद आने की वजह से मेरे ऊपर मंडरा रही शक की सुई को मीडिया ने सही करार देते हुए मुझे फियादीन ही घोषित कर दिया था। मीडिया में चलाए जाने वाली खबरों से मुझे इतना अघात पहुंचा कि मुझे ढूंढने के लिए जम्मू में बड़ी तादाद में नाकाबंदी कर दी गई। मैं अपनी दोस्त के साथ श्रीनगर से होते हुए अवंती पुरा जा रही थी। चेक पोस्ट में रुके पुलिसवालों ने हमारी गाड़ी रोककर हमसे पूछताछ की थी, तब मैंने पुलिस को उस समय साफ बता दिया था कि मैं पुणे की वही लड़की हूं जिसे आप लोग ढूंढ रहे हैं। वहां से मुझे पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। उस समय मैंने पुलिस को खुद मेरी पहचान बताई थी।

    'घर से बाहर निकलने में लगता है डर'

    'घर से बाहर निकलने में लगता है डर'

    मैं पुलिस की नजरों से निर्दोष जरूर बरी हो गई हूं, पर मुझे आज भी घर से बाहर निकलने में डर लगता है, समाज में लोग मुझे आतंकवादी की नजर से देखते हैं। मैं बस अपना भविष्य बनाना चाहती हूं, जो मेरा मौलिक अधिकार है, पर इस तरह के संगीन आरोपों की वजह से मेरे पूरा करियर बर्बाद होने को है। मुझे पूरा अधिकार है कि मैं किस विषय पर और किस जगह से पढ़ाई करना चाहती हूं। जम्मू में मेरी पढ़ाई को लेकर शक की नजर से देखा जाना, मेरे लिए काफी दर्दनाक है।

    'मेरी बेटी को न्याय दो'

    'मेरी बेटी को न्याय दो'

    अपनी बेटी की सफाई में साफिया शेख ने कहा कि मेरी बेटी को बदनाम करने के लिए किसी ने बड़ी साजिश रची है। मेरी बेटी जम्मू में पढ़ाई करने गई थी, लेकिन मीडिया में जिस तरह से सादिया को लेकर खबरें दिखाई जाने लगी थी, उसके बाद से उसके कॉलेज में एटीएस की टीम, जम्मू पुलिस मेरी बेटी को लेकर पूछताछ करने गई थी कि मेरी बेटी सच में वहां पढ़ रही है या नहीं। मुझे पुणे आयुक्तालय से भी इस बात के लिए फोन आए थे, मैंने पुलिस को साफ बताया था कि मेरी बेटी पढ़ाई करने के लिए पुणे से बाहर गई है। मैं खुद अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए जम्मू छोड़ने गई थी, एडमिशन की पूरी प्रक्रिया होने के बाद मैं वापस पुणे आ गई थी। मैं बस अपनी बेटी के लिए न्याय चाहती हूं, मेरी बेटी के ऊपर जो आरोप लगाए गए थे, उससे वो पूरी तरह क्लीन चिट मिल गई है।

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    English summary
    fidayeen suspect sadiya comes before media said kashmir police never arrested her

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