त्योहारी और वेडिंग सीजन में मिलेगा कारोबार का बूम! छोटे शहरों में भी चमके बाजार, लोकल प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ी
Festival Wedding Season Business: भारत में दीपावली के साथ-साथ शादी-ब्याह का मौसम आने से बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (BIVM) ने अनुमान लगाया है कि इस बार के त्योहारी और विवाह सीजन में देश में 7.58 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हो सकता है।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में देश के खुदरा और थोक बाजारों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है।

व्यापार मंडल की ओर से कहा गया है कि ग्राहकों के व्यवहार में सुधार, 'लोकल प्रोडक्ट्स' की बढ़ती मांग और जीएसटी सिस्टम में पारदर्शिता आने से व्यापार जगत को मजबूती मिली है। इस बार सभी सेक्टर में खरीदारी का माहौल बेहद सकारात्मक है।
मंडल की रिपोर्ट पर आधारित अनुमान
BIVM ने मंगलवार को देशभर के बाजारों में किए गए विस्तृत सर्वेक्षण पर आधारित एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में बताया गया कि त्योहारों और शादियों के मिलेजुले सीजन से हर क्षेत्र में बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे सीजन में देश का कुल कारोबार 7.58 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
त्योहारी सीजन में कई सेक्टरों में बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है -
वाहन उद्योग: कार, दोपहिया और ई-रिक्शा की बिक्री में बूम, अनुमानित कारोबार 1.30 लाख करोड़ रुपये।
रियल एस्टेट और निर्माण सामग्री: इस सेक्टर से करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये का योगदान होने की उम्मीद।
किराना: खाद्य तेल, चीनी, मिठाई, अनाज और रोजमर्रा की चीजों का कारोबार लगभग 1 लाख करोड़ रुपये।
आभूषण, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स: सोना-चांदी, स्मार्टफोन और परिधान क्षेत्र में भी बिक्री में तेज उछाल देखा गया है।
सजावट और सूखे मेवे: त्योहारी उपहारों के कारण इनकी मांग में 25% से अधिक की वृद्धि हुई है।
ग्रामीण भारत में भी बढ़ी खरीदारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार गांवों में भी खरीदारी की रफ्तार तेज है। खासकर फसल कटाई के बाद किसानों की आमदनी बढ़ने से गांवों में त्योहारों और शादियों के खर्च में बढ़ोतरी हुई है। मिट्टी के दीये, मूर्तियां, पारंपरिक सजावट और हस्तनिर्मित उत्पादों की मांग बढ़ गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण उपभोक्ता अब पहले से अधिक खर्च कर रहे हैं। माटी के दीये, लकड़ी की सजावट और स्थानीय उत्पादों की बिक्री में 40% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पटाखे और ऑटो सेक्टर बने मुख्य आकर्षण
त्योहारी सीजन में पटाखों की बिक्री ने भी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही करीब 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की आतिशबाजी की बिक्री का अनुमान लगाया गया है। वहीं, ऑटोमोबाइल सेक्टर इस बार सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बन गया है। नई कारों, स्कूटरों और ई-रिक्शा की मांग ने बाजार में नई ऊर्जा भरी है।
इस बार त्योहारी ऑफर्स और ब्याज दरों में स्थिरता के चलते रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ा है। नए घरों, फ्लैटों और निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, टाइल्स और पेंट की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, "त्योहारों के दौरान घर खरीदना शुभ माना जाता है, जिससे संपत्ति बिक्री में रिकॉर्ड उछाल देखा गया।"
देशभर के शहरों से जुटाए गए आंकड़े
यह रिपोर्ट BIVM की विशेष समिति द्वारा तैयार की गई है। इसके लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, चंडीगढ़, कानपुर, पटना, इंदौर, रायपुर, रांची, हरिद्वार, त्रिपुरा और कटक जैसे प्रमुख शहरों से आंकड़े जुटाए गए। स्थानीय व्यापारिक संगठनों और दुकानदारों ने अपने शहरों का डेटा साझा किया, जिसके आधार पर यह राष्ट्रीय अनुमान तैयार किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, नवरात्र और दशहरा से शुरू हुआ त्योहारों का यह सिलसिला दिवाली के बाद भी जारी रहेगा, क्योंकि इसके तुरंत बाद शादी-ब्याह का सीजन शुरू हो जाएगा। इससे बाजार में उत्साह और मांग दोनों बढ़े रहेंगे। इस बार त्योहारी सीजन के साथ विवाह का मौसम भी मिला हुआ है, जिससे कपड़ा, ज्वेलरी, गिफ्ट, कैटरिंग और होटल व्यवसाय को भी बहुत फायदा होगा।
बाजार में लौटी रौनक, व्यापारियों में उत्साह
देश के हर हिस्से में बाजारों में रौनक लौट आई है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के शहरों तक दुकानदारों ने बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार ग्राहक पहले से ज्यादा उत्साहित हैं और "मेड इन इंडिया" उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
त्योहार और शादी-ब्याह का यह सीजन न सिर्फ खुशियां लेकर आया है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक रहा है। 7.58 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित कारोबार के साथ यह सीजन भारतीय बाजारों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications