• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

किसान आंदोलन के समर्थन में आए पूर्व खिलाड़ी, कहा- राष्ट्रपति भवन के सामने जाकर लौटाएंगे अवार्ड

|

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को पंजाब के पूर्व खिलाड़ियों और कोचों का भी साथ मिल गया है। मंगलवार को पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड जैसे पुरस्कारों से सम्मानित कई पूर्व खिलाड़ियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के रवैया की आलोचना की है। इन पूर्व खिलाड़ियों ने ऐलान किया है कि अगर किसानों की मांगे ना मानी गई तो करीब 150 लोग पांच दिसंबर को अपने अवार्ड और मेडल राष्ट्रपति भवन के सामने रख आएंगे और किसानों के साथ आंदोलन में बैठ जाएंगे।

किसानों के लिए पूर्व खिलाड़ी लौटाएंगे अवार्ड, Farmers protest, PUNJAB Ex Sportspersons Return Awards, new agriculture bills, punjab, kisan march, award, punjab, पंजाब, किसान, farmer, अवार्ड

मंगलवार को जांलधर में पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड विजेता पहलवान करतार सिंह, अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा, अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर ने प्रेस वार्ता में ये जानकारी दी है। इन खिलाड़ियों ने हरियाणा और केंद्र सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि किसानों के साथ जानवरों जैसा सलूक किया जा रहा है। इन्होंने ऐलान किया कि पांच दिसंबर को वे दिल्ली जाएंगे और राष्ट्रपति भवन के बाहर अपने पुरस्कार रखेंगे। करीब 150 लोग अवार्ड वापस करेंगे।

पूर्व हॉकी खिलाड़ी चीमा ने मीडिया से कहा, पिछले कई महीनों से किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. हिंसा की एक भी घटना उस दौरान नहीं हुई लेकिन जब वे दिल्ली जा रहे थे तो उनके खिलाफ आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल हुआ और पानी की बौछारें छोड़ी गईं। हमारे बड़ों के साथ ये बर्ताव होगा और उनकी बेइज्जती की जाएगी तो हमारे सम्मान का भी कोई मतलब नहीं है। हम अपने किसानों भाईयों के समर्थन में अपने अवॉर्ड लौटा देंगे।

किसान पांच महीने से कर रहे हैं आंदोलन

केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानून लेकर आई है, जिनमें सरकारी मंडियों के बाहर खरीद, अनुबंध खेती को मंजूरी देने और कई अनाजों और दालों की भंडार सीमा खत्म करने समेत कई प्रावधान किए गए हैं। इसको लेकर किसान जून से आंदोलनरत हैं। किसानों ने हाल ही में 'दिल्ली चलो' का नारा दिया है। जिसके बाद 26 नवंबर को किसान पंजाब हरियाणा से दिल्ली की ओर कूच किए। फिलहाल किसान सिंधु बॉर्डर पर डटे हुए हैं। किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत भी हो रही है लेकिन अभी कोई नतीजा नहीं निकलता दिख रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार जमीनों और मंडी सिस्टम को बड़े कारोबारियों को सौंप रही है, जो हमें बर्बाद कर देगा। ऐसे में इनको तुरंत वापस लिया जाए।

ये भी पढ़ें- सुब्रमण्यम स्वामी का पीएम मोदी पर तंज, किसान आंदोलन पर टिप्पणी के लिए कनाडा पीएम की निंदा करेंगे या हिन्दू पत्नी की तरह बस...

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Farmers protest PUNJAB Ex Sportspersons Say Will Return Awards To Protest Action Against new agriculture bills
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X