क्रांतिकारी किसान यूनियन का ऐलान, 1 फरवरी को संसद की तरफ बढ़ेगा किसानों का जत्था
नई दिल्ली। Farmers Protest कृषि कानून के विरोध में किसानों का आंदोलन 2 महीने को पार कर गया है। 11 राउंड की बातचीत के बाद भी सरकार और किसानों में अभी तक सभी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच किसान अपने आंदोलन को और बड़ा करने की ओर बढ़ रहे हैं। 26 जनवरी को पहले से ही किसानों की ट्रैक्टर रैली प्रस्तावित है, जिसे दिल्ली पुलिस ने भी अनुमति दे दी है। इस बीच क्रांतिकारी किसान यूनियन के दर्शन पाल सिंह ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी को किसान दिल्ली में प्रवेश करेंगे और संसद की तरफ बढ़ेंगे। आपको बता दें कि किसानों का ये ऐलान चिंता वाली बात इसलिए है, क्योंकि 1 फरवरी को ही सदन में इस देश का बजट पेश किया जाएगा।बजट सत्र चल रहा होगा। देश के सभी बड़े नेता सदन में मौजूद होंंगे।

मांगे नहीं मानी तो, संसद तक होगा मार्च
क्रांतिकारी किसान यूनियन के दर्शन पाल ने सोमवार को ये जानकारी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो उनकी आगे की योजना संसद की तरफ मार्च करने की है। उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग स्थानों से पैदल ही संसद की तरफ बढ़ेंगे। आपको बता दें कि किसानों ने अपनी इस योजना का ऐलान ट्रैक्टर रैली से ठीक एक दिन पहले किया है, जो कि गणतंत्र दिवस के दिन प्रस्तावित है। बता दें कि दिल्ली में तीन रूट पर किसानों की बहुत बड़ी ट्रैक्टर रैली निकलेगी।
11 राउंड की बातचीत में नहीं निकल सका है कोई समाधान
वहीं दूसरी तरफ किसान और सरकार के बीच अभी तक 11 राउंड की बातचीत हो चुकी है, लेकिन समाधआन अभी तक नहीं हो सका है। आखिरी दौर की बातचीत में कृषि मंत्री ने भी तीखे तेवर दिखाते हुए ये कहा था कि सरकार की तरफ से आपको बेहतर प्रस्ताव दे दिए गए हैं।












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