फेयरवेल स्‍पीच में बोले राष्‍ट्रपति- संसद में कम हो रहा कामकाज चिंता का विषय

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नई दिल्‍ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को सांसदों की ओर से आज विदाई दी गई। संसद के सेंट्रल हॉल में विदाई कार्यक्रम रखा गया। प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल खत्म होने में अब एक दो दिन का वक्त बचा है। नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 जुलाई को शपथ लेंगे। राष्ट्रपति के विदाई कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने विदाई भाषण दिया।

संसद भवन के सेंट्रल हॉल में राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी का विदाई समारोह शुरु

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल यादगार रहा। हम आपके सपनों को पूरा करेंगे। सुमित्रा महाजन के बाद उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने राष्ट्रपति के कार्यकाल की उपलब्धियां बताईं। राष्ट्रपति को मेमेंटो के साथ सभी सांसदों के हस्ताक्षर वाली किताब दी गई।

क्‍या कहा प्रणब मुखर्जी ने

  • संसद में कम हो रहा कामकाज चिंता का विषय। 
  • संसद में 37 साल का सफर 13वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने के बाद ख़त्म हुआ था, फिर भी जुड़ाव वैसा ही रहा।
  • जब संसद में किसी व्यवधान की वजह से कार्रवाई नहीं हो पाती तो लगता है कि देश के लोगों के साथ गलत हो रहा है। 
  • मैंने बहुत से बदलाव देखे, हाल ही में जीएसटी का लागू होना भी गरीबों को राहत देने की दिशा में बड़े कदम का उदाहरण है।
  • संसद में पक्ष और विपक्ष में बैठते हुए मैंने समझा कि सवाल पूछना और उनसे जुड़ना कितना जरूरी है।
  • संसद में मेरा करियर इंदिरा गाँधी से प्रभावित रहा।
  • 22 जुलाई 1969 को अटेंड किया था पहला राज्यसभा सत्र।
  • मुझे लोकतंत्र के इस मंदिर ने, इस संसद ने तैयार किया है।
पढि़ए फेयरवेल स्‍पीच में राष्‍ट्रपति प्रणब ने क्‍या कहा

क्‍या कहा हामिद अंसारी ने

  • राष्ट्रपति से पहले आप विश्व के सर्वश्रेष्ठ विदेश मंत्री रहे और पद्म विभूषण का सम्मान भी प्राप्त किया। 
  • उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों पर आपकी नजर हमेशा रही और यही आपके सम्मान को बढ़ाता है। 
  • आपने विविधता में एकता को हमारी ताकत माना है और आप चिंतक भारत में विश्वास रखते हैं, न कि असहनशील भारत में।

क्‍या कहा सुमित्रा महाजन ने

  • आपको संविधान का विशेष ज्ञान रहा। आने वाले सांसद आपसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। 
  • गरिमा से भरा रहा आपका 5 साल का कार्यकाल। 
  • सियासत में भी आपने कई पदों पर काम किया और आपको पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया। 
  • विदेशों में भी आपको सम्मान मिला। एक शिक्षक और पत्रकार के रूप में आपने उच्च मानदंड स्थापित किए। 
  • संसदीय परंपराओं को बनाए रखने में आपने अहम भूमिका निभाई। 
  • लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत रखने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
  • उन्होंने कहा, "आप हर फील्ड में बेहद कामयाब रहे। आपका बहुआयामी व्यक्तित्व रहा। देश की राजनीति में आपका अहम योगदान है। 
  • आपने उच्च आदर्शों और नैतिक मूल्यों की मिसाल पेश की।
  • हम सब आपके विदाई समारोह के लिए इकट्ठा हुए हैं। आपकी जिंदगी पश्चिम बंगाल के एक गांव से शुरू हुई। कॉलेज प्रोफेसर से आप राजनेता बने। और हर फील्ड में बेहद कामयाब रहे।
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English summary
Farewell ceremony of President Pranab Mukherjee.
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