क्रिकेट के बाद राजनीति में आए ये मशहूर क्रिकेटर्स, हरभजन भी चलेंगे इसी राह?
मुंबई, 25 दिसंबर: भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। हरभजन सिंह 2007 में टी20 और 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हैं। वो भारत के सबसे कामयाब गेंदबाजों में शुमार हैं। हरभजन ने साफतौर पर तो नहीं कहा है लेकिन कुछ ऐसे संकेत दिए हैं कि वो अब राजनिति का रुख कर सकते हैं। उनके पंजाब में कांग्रेस से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा है। हरभजन राजनीति में आते हैं तो ये किसी क्रिकेटर के पॉलिटिक्स ज्वाइन करने का पहला मौका नहीं होगा। भारत के कई क्रिकेटर्स राजनीति में आ चुके हैं, जिसमेंकुछ ने कामयाबी पाई है तो कुछ असफल भी रहे।

नवजोत सिंह सिद्धू का नाम सबसे ऊपर
पंजाब से आने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भाजपा में शामिल होते हुए राजनीति में कदम रखा। सिद्धू ने साल 2004 में लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर राजनीतिक करियर की शानदार शुरुआत की। बाद में वो कांग्रेस में शामल हो गए। इस समय वो विधायक और पंजाब में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं। नवजोत दो बार लोकसभा एमपी रहे हैं और पंजाब सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
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गौतम गंभीर हैं लोकसभा सांसद
गौतम गंभीर को 2011 के वर्ल्डकप के फाइनल में अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए आज भी याद किया जाता है। गोतम गंभीर ने क्रिकेट छोड़ने के बाद राजनीति में कदम रखा। भाजपा में शामिल होते हुए साल 2019 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर पूर्वी दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर संसद पहुंचे। इस समय वो सांसद हैं।

अजहरुद्दीन सांसद रह चुके हैं
मोहम्मद अजहरुद्दीन भारत के सबसे कामयाब कप्तान और बल्लेबाज रहे हैं। क्रिकेट से सन्यास के बाद अजहर भारतीय कांग्रेस में शामिल हो गए 2009 के लोकसभा चुनाव में वो उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद सीट से चुनाव लड़े और जीतकर एमपी बने। अजहर इसके बाद भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

कीर्ति आजाद कई पार्टियों में रह चुके
1983 की वर्ल्डकप विजेता टीम के सदस्य रहे कीर्ति आजाद ने राजनीति में अच्छी पहचान बनाई है। वो दिल्ली से विधायक और बिहार के दरभंगा से सांसद रह चुके हैं। लंबे समय तक उन्होंने भाजपा के साथ राजनीति की। बाद में वो कांग्रेस में चले गए। फिलहाल आजाद टीएमसी में हैं।

चेतन चौहान ने राजनीति में खेली लंबी पारी
भारतीय टीम के इस पूर्व खिलाड़ी की बीते साल कोरोना से मौत हो गई थी। अपनी मौत के समय वो उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री थे। चेतन चौहान ने 1969 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना डेब्यू मैच खेला था और मैदान में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। इसके बाद वे राजनीति में उतरे और मंत्री तक बने। उत्तर प्रदेश से उन्होंने कई चुनाव जीते थे और लंबे समय तक सक्रिय राजनीति की थी।

ये क्रिकेटर नहीं रहे ज्यादा सफल
कई ऐसे क्रिकेटर भी हैं, जो राजनीति में आए लेकिन बहुत सफल नहीं रहे। इसमें सबसे बड़ा नाम टाइगर पटौदी के नाम से पहचान रखने वाले मंसूर अली खान पटौदी का है। ये पूर्व कप्तान 1971 में पटौदी स्टेट (गुडगांव) से विधानसभा का पहला चुनाव लड़े थे लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा था।
मोहम्मद कैफ ने भी कांग्रेस के टिकट पर साल 2014 में यूपी के फूलपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उनको शिकस्त मिली थी। कैफ के अलावा विनोद कांबली भी महाराष्ट्र में चुनाव लड़ चुके हैं। श्रीसंत भी केरल में बीजेपी के टिकट पर 2016 में विधानसभा चुनाव हार चुके हैं।












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