फर्जी IAS ने खुद को PMO का अधिकारी बताया, UP सरकार को चूना लगाने के इरादे, CBI कर रही जांच
फर्जी IAS अधिकारी खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का बताकर उत्तर प्रदेश सरकार को धोखा देने की ताक में था। मामला दर्ज कर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच शुरू की है। जानिए पूरा मामला

Fake PMO Personnel ने UP सरकार को चूना लगाने का प्रयास किया। खुद को PMO में पोस्टेड IAS अधिकारी बताकर इस आदमी ने आगरा के डीएम को ठगने की कोशिश की। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से मिली कंप्लेन के बाद impersonation से संबंधित एक मामले में जांच शुरू कर दी है। एक व्यक्ति ने धोखा देने के इरादे से खुद को पीएमओ का अधिकारी बताया।
16 साल पुराना है मामला !
इस फर्जी शख्स पर उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों को ठगने के आरोप भी लगे हैं। सीबीआई ने बताया कि 24 सितंबर, 2021 को अनिल कुमार शर्मा, सहायक निदेशक, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), नई दिल्ली से शिकायत प्राप्त हुई थी। सीबीआई ने बताया कि तथ्य प्रथम दृष्टया अंकित कुमार सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 170 के तहत दंडनीय अपराध का मामला बनता है।
PMO में पोस्टेड IAS अधिकारी बताता है शख्स
सीबीआई को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि अंकित कुमार सिंह खुद को बिहार कैडर के 1997 बैच का आईएएस अधिकारी दिनेश राव बताता है। खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में सचिव बताने वाला ये शख्स वाराणसी जिले के मामलों को देखने वाला बताता है। आगरा के जिला मजिस्ट्रेट प्रभु नारायण से संपर्क कर इस शख्स ने उत्तर प्रदेश के 'अपने निर्वाचन क्षेत्र' के लिए फेवर भी मांगा।
सीबीआई को पीएमओ में नहीं मिला 'IAS अधिकारी'
शिकायत के मुताबिक "प्रथम दृष्टया, यह पीएमओ अधिकारी के रूप में impersonation का मामला प्रतीत होता है, क्योंकि इस नाम का कोई अधिकारी पीएमओ में तैनात नहीं है। इसी आधार पर सीबीआई से कानून के अनुसार मामले की जांच शुरू करने के लिए शिकायत दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। इस मामले की सबसे खास बात ये है 'फर्जी पीएमओ अधिकारी' ने खुद को किसी और क्षेत्र से नहीं, सीधे पीएम मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से जोड़कर पेश किया।









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