भारत-पाक तनाव के बीच बढ़ाई गई S.Jaishankar की सुरक्षा, अब मिलेगी Z+ सिक्योरिटी
S. Jaishankar Security: केंद्र सरकार ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, विदेश मंत्री के काफिले में अब एक अतिरिक्त बुलेटप्रूफ वाहन जोड़ा गया है।
यह कदम हाल ही में हुए सुरक्षा मूल्यांकन और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उठाया गया है। दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकि हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात हैं।

इस बीच विदेश मंत्री एस.जयशंकर का नेतृत्व वैश्विक पटल पर उभर कर सामने आया है। ऐसे में विदेश मंत्री की सुरक्षा में वृद्धि काफी अहम मानी जा रही है।
S. Jaishankar Security: Z श्रेणी की सुरक्षा में वृद्धि
विदेश मंत्री एस. जयशंकर को फिलहाल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा 'Z' श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है, जिसमें एक दर्जन से अधिक सशस्त्र कमांडो शामिल रहते हैं। अब इस सुरक्षा व्यवस्था में और मजबूती लाते हुए उनके काफिले में एक नई बुलेटप्रूफ गाड़ी जोड़ी गई है, ताकि देशभर में उनके आवागमन के दौरान सुरक्षा के स्तर को और ऊंचा किया जा सके।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2024 में जयशंकर की सुरक्षा श्रेणी को 'Y' से बढ़ाकर 'Z' किया गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस से सुरक्षा की जिम्मेदारी लेकर CRPF को सौंप दी गई थी।
Jaishankar Z+ security: भारत-पाक तनाव के बीच उठाया गया सुरक्षा कदम
यह सुरक्षा वृद्धि ऐसे समय में की गई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत सख्त कार्रवाई की।
इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इस सैन्य कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में गोलाबारी और ड्रोन हमले करने की कोशिश की। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर रडार सिस्टम, संचार केंद्रों और एयरफील्ड्स को निशाना बनाया और भारी नुकसान पहुँचाया।
लगातार बढ़ते तनाव के बाद दोनों देशों ने 10 मई को एक समझौते के तहत संघर्षविराम (सीजफायर) की घोषणा की। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, भविष्य में भी खतरे की आशंका बनी हुई है, खासकर उन वरिष्ठ नेताओं के लिए जो विदेश नीति और रक्षा से जुड़े अहम निर्णयों में भूमिका निभा रहे हैं।
What is Z+ Security: क्या होती है Z+ सिक्योरिटी
भारत में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को कई श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिनमें से SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा मानी जाती है। इसके बाद Z-प्लस सुरक्षा श्रेणी आती है, जो उन विशिष्ट व्यक्तियों को दी जाती है जो गंभीर खतरे का सामना कर रहे होते हैं - जैसे प्रमुख राजनेता, बड़े उद्योगपति या अन्य उच्च-स्तरीय वीआईपी।
Z-प्लस सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जाती है। इस सुरक्षा घेरे में कम से कम 55 सुरक्षाकर्मी होते हैं, जिनमें CRPF कमांडो भी शामिल होते हैं। यदि खुफिया एजेंसियों से विशेष खतरे की जानकारी मिलती है, तो सुरक्षा कवर में NSG कमांडो भी शामिल किए जा सकते हैं।
इस सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत एक बुलेटप्रूफ वाहन, तीन शिफ्टों में एस्कॉर्ट टीम, और अत्याधुनिक निगरानी व्यवस्था शामिल होती है। Z-प्लस सुरक्षा में तैनात कमांडो को मार्शल आर्ट और निर्बल युद्ध कौशल (unarmed combat) का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त करने वालों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, और केंद्रीय वित्त मंत्री जैसी हस्तियां शामिल हैं।
S. Jaishankar Security: 69 वर्षीय विदेश मंत्री की रणनीतिक भूमिका
69 वर्षीय एस. जयशंकर भारत की विदेश नीति के प्रमुख कर्णधार हैं और वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज़ को मजबूती से प्रस्तुत करते हैं। हालिया भारत-पाकिस्तान तनाव के परिप्रेक्ष्य में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, जिसे देखते हुए उनकी सुरक्षा में यह नई व्यवस्था की गई है।
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव और आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि में विदेश मंत्री जयशंकर की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने यह बेहद जरूरी और रणनीतिक कदम उठाया है। आने वाले समय में भी सुरक्षा एजेंसियां उनके मूवमेंट और संभावित खतरों पर बारीकी से नजर बनाए रखेंगी।












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