यूपी विधानसभा में मिला PETN: लगा चुका है आतंकी के अंडरवियर में आग

पूरा मामला दिसंबर 2009 का है जब 23 साल के संदिग्ध आतंकी ने पीईटीएन विस्फोटक का इस्तेमाल करके विमान उड़ाने का प्लान बनाया था, हालांकि बाद में पकड़ा गया।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा में खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। प्रदेश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले यूपी विधानसभा में इतने खतरनाक विस्फोटक का मिलना सभी के लिए चौंकाने वाला है। इस बीच पीईटीएन को लेकर भी लगातार नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला है जिसमें एक संदिग्ध आतंकी पीईटीएन के जरिए एक प्लेन को उड़ाने की कोशिश में था। उसने अपने अंडरवियर में पीईटीएन छिपा रखा था, लेकिन उसका ये प्लान इसलिए फेल हो गया क्योंकि जिस डिवाइस के जरिए वो इस वारदात को अंजाम देने वाला था गलती से उसमें आग लग गई जिससे उसका पूरा पैर ही जेल गया।

पीईटीएन से कैसे शिकार बना संदिग्ध आतंकी

'अंडरवियर बॉम्बर' की रणनीति हुई थी फेल

'अंडरवियर बॉम्बर' की रणनीति हुई थी फेल

पूरा मामला दिसंबर 2009 का है जब 23 साल के संदिग्ध आतंकी ने पीईटीएन विस्फोटक का इस्तेमाल करके विमान उड़ाने का प्लान बनाया था, हालांकि बाद में पकड़ा गया। नाजीरिया के रहने वाले इस संदिग्ध का नाम उमर फारुक अब्दुलमुतल्लब था। उसे लोग अंडरवियर बॉम्बर के तौर पर भी जाता है। इसे जानकारी के मुताबिक इसके निशाने पर 278 यात्रियों वाला एक एयरलाइनर विमान था, जिसे ये शख्स डिट्रायट एयरपोर्ट पर उड़ाने वाला था। इस वारदात को अंजाम देने के लिए अब्दुलमुतल्लब ने एक खास डिवाइस के जरिए विस्फोटक को अपने शरीर में बांधा और प्लेन में चढ़ गया। हालांकि डिट्रॉयट एयरपोर्ट जैसे ही उसने विमान को उड़ाने की कोशिश की, अचानक ही उसकी डिवाइस में आग लग गई। जिससे उसका पैर बुरी तरह से जल गया।

विमान में धमाके की थी योजना

विमान में धमाके की थी योजना

एफबीआई की जांच में पता चला कि संदिग्ध आतंकी अब्दुलमुतल्लब ने जिस डिवाइस के जरिए विमान को उड़ाने की योजना बनाई थी वो पीईटीएन ही था। इस विस्फोटक की खास बात यही है कि इसे न तो मेटल डिटेक्टर से और न ही डॉग स्क्वैड के जरिए ही पकड़ा जा सकता है। यही वजह है कि जब संदिग्ध आतंकी अब्दुलमुतल्लब इस विस्फोटक के साथ प्लेन में चढ़ा तो जांच के दौरान कोई उसे पकड़ नहीं सका। हालांकि फ्लाइट के यात्रियों के मुताबिक अब्दुलमुतल्लब ने फ्लाइट में करीब 20 मिनट के लिए वॉशरुम में गया था।

अल-कायदा सबसे ज्यादा करता रहा है PETN का इस्तेमाल

अल-कायदा सबसे ज्यादा करता रहा है PETN का इस्तेमाल

ये कोई अकेला मामला नहीं है जब पीईटीएन जैसे खतरनाक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया है। आतंकी संगठन अलकायदा के बारे में कहा जाता है कि वो सबसे ज्यादा इस विस्फोटक का इस्तेमाल करता रहा है। साल 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के दौरान भी इसी विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। बता दें कि पीईटीएन सफेद रंग का होता है और पाउडर की तरह नजर आता है। इसकी खरीद-फरोख्त पर कई देशों ने नियम काफी सख्त हैं, इसे सिर्फ सेना इस्तेमाल करती है।

यूपी विधानसभा में विस्फोटक मिलने के मामले की जांच तेज

यूपी विधानसभा में विस्फोटक मिलने के मामले की जांच तेज

यूपी विधानसभा में खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन कैसे पहुंचा इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। इस बीच विस्फोटक पीईटीएन के बारे में पता चला है कि ये ऐसा सुरक्षित विस्फोटक है जिसे मोबाइल फोन के जरिए भी इस्तेमाल किया जाया जा सकता है। पीईटीएन को और भी खतरनाक बनाने के लिए इसमें ट्राइ-नाइट्रो टालुइन (टीएनटी) का इस्तेमाल भी किया जाता है। आरडीएक्स का इस्तेमाल करके ये और भी खतरनाक हो जाता है।

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