दिल्ली-UP में भी PMO अफसर बन फर्जीवाड़ा कर चुका है किरण पटेल, 3.25CR की ठगी का भी केस, जानें कितने मामले दर्ज
खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का वरिष्ठ अधिकारी बताने वाला किरण भाई पटेल को जम्मू कश्मीर से करीब 10 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस मामले को गोपनीय रखा था। कोर्ट में पेशी के बाद ये मामला खुल गया है।

Fake PMO official kiran patel Case list: 'जेड-प्लस सिक्योरिटी, बुलेटप्रूफ महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी, फाइव स्टार होटल में VVIP सुविधा', ये सब जम्मू कश्मीर में एक फर्जी अफसर को दिया जा रहा था। गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला किरण पटेल कई बार खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का वरिष्ठ अधिकारी बता कर जम्मू-कश्मीर का दौरा सरकारी खर्चों पर कर चुका है। खुद को PMO में रणनीति और अभियानों का जिम्मा संभालने वाला एडिशनल डायरेक्टर बताने वाले किरण पटेल फिलहाल 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में है। किरण पटेल को लेकर अब कई तरह के खुलासे हो रहे हैं।
किरण पटेल की गिरफ्तारी के बाद ये पता चला कि यह पहली बार नहीं है जब उसने लोगों और सरकारी तंत्र को पीएमओ के नाम पर ठगा है। उसपर पहले से उसके ऊपर फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और ठगी के मामले दर्ज हैं।

किरण पटेल पर 3.25 करोड़ की ठगी का आरोप
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक किरण पटेल पर गुजरात में तीन धोखाधड़ी के मामले पहले से दर्ज हैं। किरण पटले ने कथित तौर पर कई लोगों से 3.25 करोड़ रुपये की ठगी की है।
किरण पटेल को जम्मू-कश्मीर की तीसरी 'वीआईपी' यात्रा के दौरान मार्च के शुरुआती हफ्ते में गिरफ्तार किया गया। वे हर बार खुद को पीएमओ में एडिशनल डायरेक्टर (रणनीति और अभियान) के तौर पर पेश करता रहा है। गुजरात पुलिस ने कहा कि वह 2015 से "विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए" कश्मीर का दौरा कर रहा है।

दिल्ली-UP, हिमाचल-उत्तराखंड में भी PMO अफसर बन घूमा है किरण पटेल
गुजरात पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "किरण पटेल ने कथित रूप से पीर पंजाल सुरंग परियोजना और श्रीनगर में लाल चौक के पुनर्विकास जैसी विकास परियोजनाओं की निगरानी के लिए जम्मू और कश्मीर में विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर चुका है।'' पुलिस ने कहा कि किरण लोगों को बताता था कि पीएमओ द्वारा कश्मीर के लोगों में विश्वास जगाने और उन्हें केंद्र सरकार में विश्वास करने के लिए प्रेरित करने वो आया है।
गुजरात पुलिस को यह भी शक है कि किरण पटेल ने नौकरशाह के रूप में चार अन्य राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश का भी दौरा कर चुका है। किरण पटेल अहमदाबाद के नवरंगपुरा इलाके में सीजी रोड पर एक ऑडिट फर्म मॉडिफाइड कॉन्सेप्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी चलाता है। किरण पटेल की पत्नी का कहना है कि वह एक इंजीनियर हैं।

किरण पटेल पर 2017 में दर्ज हुआ था पहला मामला
किरण पटेल पर पहला मामला 2017 में अहमदाबाद के नरोडा में दर्ज किया गया था। दूसरा मामाल अगस्त 2019 में वडोदरा के रावपुरा इलाके में दर्ज किया गया था। 23 फरवरी 2017 को नरोदा के एक डीजे राहुल परमार ने किरण पटेल और उनके परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कथित तौर पर उससे 16 कारें लेकर एक करोड़ रुपये की ठगी करने और उसे वापस नहीं देने का आरोप लगाया था।

इन 2 केसों में भी करोड़ों की ठगी का किरण पटेल पर आरोप
किरण पटेल पर दूसरी शिकायत अहमदाबाद के पालड़ी के एक व्यवसायी पारितोष शाह ने दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था वडोदरा के नवलखी मैदान में एक गरबा कार्यक्रम के लिए किरण पटेल और उनके दो सहयोगियों ने उन्हें डेकोरेशन करने के लिए बुलाया था लेकिन उसके 1 करोड़ रुपये के बिल का भुगतान नहीं किया था।
किरण पटेल पर तीसरा आरोप 22 अगस्त 2019 को बयाड़ के राडोदरा गांव के आशीष पटेल नाम के एक स्कूली शिक्षक ने लगाया है। स्कूली शिक्षक ने किरण पटेल और उनके परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। आशीष ने पुलिस को बताया कि किरण पटेल ने उन्हें तम्बाकू और पशुचारा व्यवसाय में निवेश करने पर मोटी कमाई का झांसा दिया था। आशीष ने बताया है कि उसने 1 अप्रैल 2014 से 19 मई 2016 के बीच 1.25 करोड़ रुपये निवेश किया लेकिन कोई रिटर्न नहीं मिला।

भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में हिस्सा लेता है किरण पटेल
किरण पटेल आमतौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठकों में शामिल होता है। उन्हें सरकार और पार्टी में बड़े लोगों के साथ अपने संबंध स्थापित करने के लिए अक्सर कोबा में भाजपा के मुख्यालय कमलम, सीएमओ और सचिवालय के आसपास घूमते देखा गया है।
पार्टी के एक नेता ने दावा किया कि किरण पटेल ने उनसे 25 लाख रुपये लिए थे। पटेल ने राज्य में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया था। उन्होंने भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अपने परिवार के सदस्यों की तस्वीरें भी साझा की हैं। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के नाम से एक समूह बनाया और उन लोगों से पंजीकरण शुल्क लिया जो समूह में शामिल होना चाहते थे।












Click it and Unblock the Notifications