• search

बच्चों को ऐसे समझाएं होमोसेक्शुएलिटी

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    LGBTIQ
    Getty Images
    LGBTIQ

    "मैं अपनी 13 साल की क्वीर (QUEER) लड़की को सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बारे में बताने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूं. काम से वापस लौटते ही मैं सबसे पहले गले लगा कर उसे ये ख़बर सुनाना चाहती हूं. बस स्टॉप पर उसका इंतजार कर रही हूं, आंखों से खुशी के आंसू रोके नहीं रुक रहे."

    दिल्ली के योडा प्रेस की फ़ाउंडर अर्पिता दास ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद जैसे ही ये ट्वीट किया उनके ट्वीट को तक़रीबन दो हज़ार लोगों ने लाइक किया.

    https://twitter.com/arpitayodapress/status/1037605841556275200

    इस ट्वीट में दो बातें अहम हैं. एक तो बतौर मां अर्पिता का सहजता से ये स्वीकार करना कि मेरी बेटी क्वीर है और दूसरा ये कि बेटी को ये समझाना कि क्वीर क्या होते हैं?

    बच्चों को समझाना है बहुत मुश्किल

    लेकिन बच्चों को ये समझा पाना कि होमोसेक्शुअल कौन होते हैं क्या एक ट्वीट करने जितना ही आसान है?

    LGBTIQ के बारे में आख़िर माता-पिता अपने बच्चों को बताएं तो कैसे? और किस उम्र में बताएं?

    बिहार के अररिया में रहने वाले 9 साल के अमन और उनके माता-पिता भी इसी सवाल से दो चार हुए.

    दरअसल, अमन के परिवार में पांच लोग हैं - अमन, उनके माता-पिता और उनके माता-पिता के दो दोस्त - तन्मय और शो.

    पिछले दो-ढाई साल से ये लोग साथ रह रहे हैं. तन्मय जन्म से महिला हैं, लेकिन वो ख़ुद को पुरुष मानते है. तन्मय खुद ट्रांस मेन कहलाना पसंद करते हैं. शो खुद को क्वीर कहलाना पसंद करती हैं. दोनों सहमति से साथ क्वीर रिलेशन में रहते हैं और एक-दूसरे से प्यार करते हैं.

    गुरुवार को फ़ैसला आने के बाद अमन के घर में भी मिठाइयां आईं और जश्न मना.

    कैसे समझाएं कि अब धारा 377 अपराध नहीं?

    अमन ने एक स्वाभाविक सा सवाल अपनी मां कामायिनी से किया - आज जश्न क्यों मनाया जा रहा है?

    एलजीबीटी की पहचान सतरंगे झंडे की कहानी क्या है

    समलैंगिक सेक्स पर कोर्ट में महिला की बेंत से पिटाई

    परिवार में इस सवाल की उम्मीद किसी को शायद नहीं थी. लेकिन मां ने अमन को कहा तन्मय से ये पूछो. फिर तन्मय ने अमन से कहा, "अब मैं और शो साथ रह सकते हैं, प्यार कर सकते हैं और देश के क़ानून में इसे अपराध नहीं माना जाएगा."

    शो इस घटना के बारे में कहती हैं, "तन्मय ने जिस सहज तरीक़े से इस फ़ैसले के बारे में अमन को उदाहरण देकर समझाया, उसके बाद अमन के पास दूसरा सवाल नहीं था. शायद पूरी तरह से उसे बात समझ आ गई."

    यानी बच्चों को उदाहरण देकर समझाना सबसे आसान तरीका है.

    लेकिन क्या 9 साल का बच्चा ये समझ सकता है?

    LGBTIQ
    BBC
    LGBTIQ

    यही सवाल हमने साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रवीण त्रिपाठी से पूछा.

    उनके मुताबिक़, "किसी ख़ास उम्र के दायरे में इसे बांधना सही नहीं होगा. किशोरावस्था सही वक़्त होता है जब बच्चों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए. सेक्स एजुकेशन के साथ इसे जोड़ दिया जाए तो बेहतर होगा."

    अमन का मामला दूसरे बच्चों से थोड़ा अलग है. शो और तन्मय पिछले कुछ सालों से अमन के परिवार का हिस्सा हैं. अमन ने कुछ सालों से दोनों को साथ रहते देखा है. उसके लिए धारा 377, गे, लेस्बियन जैसे शब्दों को समझना शायद मुश्किल नहीं होगा. लेकिन कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो ऐसे लोगों से कभी नहीं मिले, उस स्थिति में क्या?

    फ़ैसले के बाद क्या समलैंगिक अब शादी कर पाएंगे?

    समलैंगिक संबंध अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    होमोसेक्शुअल ख़ुद का परिचय कैसे देते हैं?

    शो से जब सेक्शुअल ओरिएंटेशन के बारे में कोई पूछता है तो वो क्या करती हैं?

    इस सवाल पर शो कहतीं हैं, "मैं पहले उनसे पूछती हूं, वो कौन हैं और कैसे वो इस निष्कर्ष पर पहुंची की कोई महिला हैं या पुरुष है. यानी मैं बातचीत को सेक्शुएलिटी तक ले जाती हूं, सेक्स तक नहीं और फिर बताती हूं कि मैं एक क्वीर हूं."

    LGBTIQ
    BBC
    LGBTIQ

    तो क्या बच्चों को ऐसे ही बताया जाता है सेक्शुअल ओरिएंटेशन के बारे में?

    अमन की मां कामायिनी कहतीं हैं, " मैंने अमन से ये नहीं कहा कि आप अपनी सेक्शुअल ओरिएंटेशन एक्सप्लोर करो? हमने बस ये बताया है कि लड़के को लड़के से प्यार हो सकता है. एक लड़का, लड़का पैदा होने के बाद भी खुद को लड़की समझ सकता है और ये नॉर्मल है. इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है. ताकि ऐसे किसी को देखने पर वो ख़ुद असहज न हो और उसे स्वीकार करने में दिक्क़त न हो."

    बच्चों के सवाल समझें, डांटें नहीं

    डॉक्टर प्रवीण त्रिपाठी भी यही कहते हैं.

    अगर आपका बच्चा आपसे ये बताए कि क्लास का एक लड़का, लड़कियों जैसी हरकतें करता है, तो उसे डांटने की ज़रूरत नहीं. उसे समझाने की ज़रूरत है कि ये नॉर्मल बात है. ऐसे लोग कम होते हैं पर इसमें कुछ भी बुराई नहीं है.

    कब मालूम पड़ता है क्या है सेक्शुअल ओरिएंटेशन

    समलैंगिकता क़ुबूल कर रहे हैं अमरीकी मुसलमान

    कामायिनी बताती हैं, "एक दिन अमन सवाल ले कर आया था, बच्चे कैसे पैदा होते हैं. मैंने बिठाकर जवाब दिया. हो सकता है कल को वो सवाल ले कर आए कि मुझे लड़का पसंद है, उस समय उसे मैं डील करूंगी."

    डॉक्टर त्रिपाठी बच्चों से इस सवाल को डील करने का आसान तरीक़ा बताते हैं.

    LGBTIQ
    EPA
    LGBTIQ

    उनके मुताबिक़, आप बच्चे को ऐसे समझा सकते हैं.

    6 फीट 2 इंच हाइट के लोग भी होते है और 5 फीट 3 इंच के लोग भी. लेकिन 5 फीट 3 इंच के लोग ज्यादा होते हैं और 6 फीट 2 इंच के कम.

    उसी तरह से कुछ आदमी, औरत से प्यार करते हैं और कुछ आदमियों को आदमी से प्यार होता हैं. आदमी-औरत के बीच प्यार करने वाले लोग ज़्यादा हैं. आदमी-आदमी से प्यार करने वाले कम. लेकिन दोनों ही नॉर्मल बात है.

    बच्चों को ऐसे समझाएं तो शायद स्कूलों में LGBT बच्चों को दूसरे बच्चे तंग भी न करें और वो बुलिंग का शिकार न हो.

    बचपन में जो सेक्शुएलिटी हो, बड़े होकर भी वो हो, ये ज़रूरी नहीं है. कई बार वो बदल भी जाते हैं. सेक्स एजुकेशन के बाद सेक्शुएलिटी पर भी स्कूलों में क्लास होनी चाहिए.

    डॉक्टर त्रिपाठी के मुताबिक़, होमोसेक्शुएलिटी एक एब्सट्रेक्ट कॉन्सेप्ट है. 12 साल के बाद ही बच्चों में एब्सट्रेक्ट बातों को समझने की क्षमता बनती है. इसलिए इस उम्र में आप केवल उन्हें रिलेशनशिप के बारे में समझा सकते हैं, सेक्शुएलिटी के बारे में नहीं.

    बावजूद इसके संभव है कि बच्चे सवाल करें या फिर अपने तरीक़े से जवाब तलाशने की कोशिश करें. ऐसे में मां-बाप और बड़ों को ज़रूरत है कि वो इन बातों को 'टैबू' न बनने दें और टालने के बजाय बच्चे के स्तर पर समझाने की कोशिश करें.

    ये भी पढ़ें....

    समलैंगिक संबंधों पर कोर्ट में क्या रहा मोदी सरकार का रुख़?

    गांवों में समलैंगिकों की ज़िंदगी ऐसी होती है

    समलैंगिकता पर धर्म क्या कहते हैं?

    '377 पर फ़ैसला, देश को मिली ऑक्सीजन'

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Explain to children such as homosexuality

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X