Exclusive Interview: BJP नहीं ये कंपनी की सरकार, जब तक कानून वापस नहीं घर वापसी नहीं: राकेश टिकैत

Exclusive Interview: BJP नहीं ये कंपनी की सरकार: राकेश टिकैत

नई दिल्ली, जुलाई 6। पिछले 7 महीनों से देश के अन्नदाता दिल्ली सीमा पर डटे हुए है। कोरोना की दो लहर बीत गई और तीसरी लहर की आशंका है, लेकिन ये किसान अपनी जगह पर डटकर बैठे हैं। कृषि कानून को लेकर किसानों और सरकार के बीच विवाद है और पिछले 7 महीनों में करीब 11 चरण में बातचीत हुई, लेकिन अब तक सरकार और किसानों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। हालात ये हैं कि पिछले पांच महीनों से किसानों और सरकार के बीच बातचीत बिल्कुल बंद हैं। ऐसे में इस आंदोलन का क्या होगा? क्या इसकी दिशा होगी और किसान नेताओं की आगे की रणनीति क्या होगी? इन मुद्दों पर वनइंडिया ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत से खास बातचीत की। इस बातचीत को पूरा देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Exclusive Interview with Farmer Leader and BKU leader Rakesh Tikait on Farmer Protest and their next step

बिना कानून वापसी के घर वापसी नहीं

इस बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि उनकी मांगें स्पष्ट है और बिना अपनी मांगों को पूरा किए वो घर वापसी नहीं करेंगे। उन्होंने सीधे-सीधे शब्दों में कहा कि जब तक इस कृषि कानून की वापसी नहीं हो जाती वो घर नहीं लौटेगें। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार बात नहीं मान लेती वो वापस नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम बस चाहते हैं कि सरकार कानून वापस लें, MSP पर कानून बनाए, कमेटी गठित करें और बाकी के मसले कमेटी में हल होंगे।

बंदूक के साए में सरकार बुलवा रही है

उन्होंने कहा हम नहीं जानते कि ये आंदोलन कब तक चलेगा ये कह पाना मुश्किल है। सरकार जब चाहे वो हमें हटा दें। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई फसलों की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन सही दिशा में जा रही है और हम चाहते हैं कि सरकार बात करें हमसे। वहीं शरद पवार द्वारा कृषि कानूनों के समर्थन और जरूरी बदलाव के बयान पर कहा कि अगर यही चलता रहा तो अगले तीन सालों में पूरा देश बीजेपी की जय बोलने लगेगा। उन्होंने कहा कि बंदूक साए में सरकार सबसे बुलवा देगी। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि शरद पवार और उनके रिश्तेदारों के 35 ठिकानों पर छापे पर और इसी दवाब में उन्होंने कृषि कानून का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एजेंसियों की मदद से केंद्र सरकार लोगों पर दवाब डालकर उनसे ऐसा बुलवा रही है।

नहीं लड़ेंगे 2022 का यूपी विधानसभा चुनाव

वहीं यूपी के जिला पंचायत चुनावों पर भी सवाल भी उठाया और कहा कि बेइमानी और डर के साए में ये चुनाव हुआ और गुंडागर्दी के बल पर बीजेपी ने ये जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि ये वैचारिक क्रांति है और ये आवाज बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उनका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। हम सिर्फ कानून की बात करते हैं और आने वाले समय में जनता बीजेपी को बताएगी। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में लोगों से अपील करेंगे कि वो बीजेपी को वोट न दें। हालांकि उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं किया कि वो 2022 में यूपी विधानसभा में किस पार्टी का समर्थन करेंगे। राकेश टिकैत ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वो 2022 के चुनाव नहीं लड़ेंगे।

ये बीजेपी नहीं कंपनी की सरकार है

उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि ये किसी पार्टी की नहीं बल्कि बड़ी कंपनियों की सरकार है, जिसे देश के ये पूंजीपति चला रहे हैं। सरकार को कंपनी चला रही है, जो बात नहीं करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश की मोदी सरकार को कंपनी चला रही है। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा कि मोदी सरकार कोई पार्टी नहीं थी। इन्होंने बीजेपी पार्टी पर कब्जा किया और अपनी सरकार बना ली। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के बड़े नेता कैद हैं, जो बोल नहीं पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार सरकार के मंत्रियों पर पाबंदी है। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार की पॉलिसी से नाराजगी है।

पूरा वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।

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