Europa Clipper: बृहस्पति के चांद जीवन की तलाश! 'यूरोपा' की लॉन्चिंग, 2.9 अरब KM का सफर, क्या है खास?
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा मंगलवार को जिस अहम मिशन को लॉन्च कर रही है, वो अंतरिक्ष की रहस्यमयी दुनिया का भेद लगाने के लिए अहम माना जा रहा है। बृहस्पति उन चांद को बारे में यूरोपा क्लिपर स्पेसक्राफ्ट के जरिए अहम जानकारी एकत्र की जाएगी। नासा इस मिशन को कुछ अहम उद्देश्यों के साथ लांच कर रहा है। साइंटिस्ट्स का मानना है कि वैज्ञानिकों को लगता है कि यूरोपा पर मौजूद बर्फीले महासागर के नीचे जीवन के सबूत मौजूद हो सकते हैं। ऐसे में बर्फ के गोले के बीच जीवन की संभावनाओं की तलाश की जाएगी।
यूरोपा क्लिपर स्पेसक्राफ्ट बृहस्पति ग्रह के एक चंद्रमा यूरोपा (Europa) के लिए रवाना किया जा रहा है। दरअसल, यूरोपा को बृहस्पति का बर्फीला चांद भी कहते हैं। वैज्ञानिकों को लगता है कि यूरोपा पर मौजूद बर्फीले महासागर के नीचे जीवन के सबूत मौजूद हो सकते हैं।

क्या है यूरोपा
वृहस्पति पर भेजे गए मिशन से मिले डेटा एनालिसिस में ये सामने आया है कि पृथ्वी के बाहर यूरोपा ऐसा अकेला खगोलीय पिंड है, जहां एक विशाल महासागर है। साइंटिस्ट्स का मानना है कि यूरोपा के महासागर में पृथ्वी पर मौजूद महासागरों से भी ज्यादा पानी है। ऐसे में यूरोपी स्पेसक्राफ्ट बृहस्पति पर इन तथ्यों की पुष्टि कर पाता है, तो ये एक बड़ी कामयाबी मानी जा सकती है।
मिशन में 5 अरब डॉलर खर्च
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेसएक्स का फाल्कन हैवी रॉकेट, यूरोपा क्लिपर स्पेसक्राफ्ट को स्पेस में ले जाएगा। यूरोपा तक पहुंचने के लिए स्पेसक्राफ्ट को 2.9 अरब किलोमीटर का सफर तय करना होगा। इस पूरे मिशन की लागत 5 अरब डॉलर बताई जाती है, जिसका मकसद यूरोपा की बर्फीली सतह के नीचे जीवन की संभावनाओं की तलाश करना है। इस खोज में यूरोपा पर मौजूद पानी की क्वालिटी, गैसों समेत जीवन के अन्य घटकों पर चर्चा की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications