बड़ी समस्या से जूझ रहा EPFO, अब अधिकारियों ने सरकार को दे डाली चेतावनी
EPFO IT System: देश का सबसे बड़ा रिटारमेंट फंड कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का आईटी सिस्टम गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। पिछले ढाई साल से सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की समस्याओं के कारण EPFO का सिस्टम बार-बार क्रैश हो रहा हैं।
अधिकारियों की ओर से बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद वरिष्ठ प्रबंधन ने इन चिंताओं को नजरअंदाज किया है। शुक्रवार को EPFO के अधिकारियों ने श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया को आईटी सिस्टम में आ रही खराबी से बढ़ती निराशा के बारे में बताया।

ढाई साल से लगा रहे गुहार
ईपीएफ ऑफिसर्स एसोसिएशन के अनुसार स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गई है। पिछले 30 महीनों से हम लगातार सीपीएफसी (केंद्रीय पीएफ आयुक्त) के संज्ञान में ईपीएफओ के बुनियादी आईटी ढांचे की समस्या को ला रहे हैं। इसे जल्द से जल्द सुधारने की जरूरत है। लेकिन दुर्भाग्य से हमारी चिंताओं को लगातार नजरंदाज किया जा रहा है।
द हिंद की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी हर रोज सिस्टम की कमियों की रिपोर्ट करते हैं, जिसमें सिस्टम का बार-बार फेल होना और इसमे आने वाली रुकावटें शामिल हैं। हाल ही में सॉफ़्टवेयर का प्रदर्शन काफी खराब हो गया है।
आईटी सिस्टम हद से ज्यादा स्लो
जिसके कारण बार-बार सिस्टम स्लो हो जाता है। जिसकी वजह से सिस्टम बार-बार लॉगआउट हो जाता है और काम बुरी तरह से प्रभावित होता है। शुरुआत में प्रबंधन ने इन समस्याओं की वजह बार-बार एक ही सिस्टम में अलग-अलग लॉगिन को बताया। लेकिन अब पीक-ऑवर में भी सिस्टम घंटों के लिए क्रैश हो जाता है।
एसोसिएशन ने ईपीएफओ के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में तत्काल सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में अधिकांश पीएफ कार्यालयों के लिए 20 दिनों के भीतर दावों को निस्तारण करना बेहद मुश्किल है।
छुट्टी के दिन भी करना पड़ रहा काम
अधिकारियों के संगठन ने दुख जताते हुए कहा ईपीएफओ एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में व्यापक बदलाव की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। लेकिन बावजूद इसके इसको नजरअंदाज किया जा रहा है जोकि दुखद है।
फील्ड ऑफिस ने सिस्टम की विफलताओं से निपटने के लिए कई उपाय अपनाए हैं। सप्ताह के अंत में छुट्टी के दिन भी कर्मचारी काम करते हैं। एसोसिएशन का मानना है कि अगर बेहतर सॉफ्टवेयर सिस्टम हो तो क्लेम का निस्तारण बहुत तेज हो सकता है।
सरकार ने भी की अनदेखी
पिछले वर्ष तत्कालीन श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव के समक्ष भी इसी तरह की चिंताएं जताई गई थीं। श्रम मंत्री ईपीएफओ ट्रस्टी बोर्ड के अध्यक्ष होते हैं, इस बोर्ड ने मार्च 2022 में आईटी की समस्ताओं को लेकर पैनल ने जो चिंता जाहिर की थी, उसका समर्थन किया था।
लेकिन इसके बाद इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि इन समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने से स्थिति और खराब होगी और प्रभावी ढंग से हल करने के प्रयासों में बाधा आएगी।
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