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वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों की एंट्री के लिए, इस राज्य ने क्यों किया कोविड टेस्ट जरूरी ? जानिए

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गुवाहाटी, 18 जुलाई: असम सरकार ने राज्य में आने वाले लोगों के लिए कोविड स्क्रीनिंग के नियम और सख्त कर दिए हैं। रविवार को असम सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि असम आने वाले उन लोगों को भी टेस्ट करवाने से छूट नहीं दी जा रही है, जो कोविड-19 वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। इसकी वजह ये है कि पिछले कुछ समय में राज्य में नए इंफेक्शन के जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें करीब 5 फीसदी उन लोगों के हैं, जिन्हें वैक्सीन की पूरी डोज लग चुकी है। इसलिए राज्य में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति के लिए कोविड टेस्टिंग अनिवार्य कर दी गई है।

असम ने एंट्री पर पुराना आदेश लिया वापस

असम ने एंट्री पर पुराना आदेश लिया वापस

25 जून, 2021 को असम सरकार ने आदेश दिया था कि हवाई जहाज और ट्रेन के जरिए असम आने वाले उन यात्रियों को कोविड-19 की अनिवार्य टेस्टिंग से छूट दी जाएगी, जिन्होंने इसकी पूरी खुराक लगवा ली है। लेकिन, 15 जुलाई को असम सरकार ने अपने पुराने आदेश को वापस ले लिया है। राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी ताजा नोटिफिकेशन में कहा गया है, 'कुछ मामलों में उन लोगों में भी कोविड पॉजिटिविटी देखी गई है,जो लोग वैक्सीन की दोनों खुराक लगवा चुके हैं।' इसी आधार पर पुरानी छूट को वापस ले लिया गया है। असम स्थित नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर डॉक्टर लक्ष्मण एस ने पीटीआई से कहा है, 'कुछ लोग जिन्हें कोविड-19 वैक्सीन की दोनों खुराकें लगी हैं, वे संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि, उनमें लक्षण गंभीर नहीं हो सकते हैं, लेकिन उनके वाहक होने का जोखिम है।'

दोनों खुराक लेने वालों में था हल्का लक्षण-एनएचएम

दोनों खुराक लेने वालों में था हल्का लक्षण-एनएचएम

डॉक्टर लक्ष्मण एस के मुताबिक पिछले दो महीनों में राज्य में जो कोविड-19 के नए संक्रमण सामने आए हैं, उनमें तकरीबन 5 फीसदी वे हैं, जिन्हें वैक्सीन की पूरी डोज लगाई जा चुकी है। मई और जून में असम के डिब्रूगढ़ जिले में आईसीएमआर की ओर से एक सर्वे करवाया गया था, उसके मुताबिक संक्रमित लोगों में 5.3 फीसदी ऐसे ही लोग थे, जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी थी। लेकिन, जिन लोगों ने सिर्फ एक ही खुराग लगाई थी, उनमें पॉजिटिविटी रेट 12.4 फीसदी पाई गई थी। कुल 6,224 संक्रमित लोगों पर सर्वे किया गया था। इनमें से 772 ने सिर्फ वैक्सीन की सिर्फ एक खुराक लगवाई थी और 332 को दोनों डोज लगाई गई थी, उसके बाद भी कोरोना हो गया। बाकी 5,120 लोग वे थे, जिन्हें एक भी डोज नहीं लगी थी। हालांकि, सर्वे में यह भी पाया गया था कि दोनों डोज लगने के बाद भी जो लोग संक्रमित हो गए थे, उनमें 'लक्षण बहुत ही हल्का था और वे होम आइसोलेशन में ही रहे।'

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डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर भी है टेंशन

डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर भी है टेंशन

असम ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वालों के लिए ऐसे वक्त में कोरोना जांच करवाना अनिवार्य कर दिया है, जब केरल और मुंबई जैसी जगहों पर घरेलू यात्रियों को प्रवेश के लिए आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लेकर चलने से छूट दी गई है। असम के स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक असम सरकार ने इस सख्ती का फैसला इसलिए भी किया है, क्योंकि बाहर से आने वाले यात्रियों से डेल्टा प्लस वेरिएंट के आने का जोखिम बढ़ गया है। राज्य से अप्रैल और मई में जितने सैंपल रैंडम जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए पश्चिम बंगाल के कल्याणी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स भेजी गई थी, उनमें से 77 फीसदी डेल्टा वेरिएंट थे। बाकी कप्पा स्ट्रेन थे। असम में अबतक कुल 5,45,954 कोविड केस सामने आए हैं, जिनमें से 4,984 लोगों की मौत हुई है।(तस्वीरें फाइल)

English summary
Testing is also mandatory for those taking two doses of Covid vaccine for entry in Assam, the decision changed after seeing 5 percent cases in new infections
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