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निर्भया कांड: इंजीनियर-डॉक्टर तक देना चाहते हैं दोषियों को सजा, ई-मेल भेज कर रहे ये मांग

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नई दिल्ली। निर्भया के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। तिहाड़ जेल नंबर तीन की फांसी कोठी को खासतौर पर इसके लिए तैयार किया जा रहा है। यहां मौत की सजा पाए कैदियों को फांसी पर लटकाया जाता है। यहां मौजूद फांसी के तख्ते की भी जांच की जा रही है, कि वह फांसी देने के लिए ठीक है या नहीं।

प्रफेशनल्स के ई-मेल

प्रफेशनल्स के ई-मेल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यूं तो निर्भया के दोषियों को कई लोग फांसी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन जेल प्रशासन को अब कई प्रफेशनल्स के ई-मेल आ रहे हैं। जेल प्रशासन को इंजीनियर, डॉक्टर से लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट तक के ई-मेल भेज रहे हैं। जिनमें ये लोग दोषियों को फांसी पर लटकाने की बात कह रहे हैं।

क्या आग्रह किया?

क्या आग्रह किया?

इन्होंने जेल अधिकारियों को भेजे गए ई-मेल में लिखा है कि अगर दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए जल्लाद नहीं मिलता है, तो वह इस काम को करने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट के अनुसार तिहाड़ जेल के अडिशनल आईजी राजकुमार का कहना है कि उनके पास कई प्रोफेशनल्स के ई-मेल आ रहे हैं, जिनमें वह निर्भया को दोषियों को फांसी पर लटकाने का आग्रह कर रहे हैं।

जेल का स्टाफ तक तैयार

जेल का स्टाफ तक तैयार

यहां तक कि इन चार दोषियों- मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता को फांसी पर लटकाने के लिए जेल का स्टाफ तक तैयार है। इनके अलावा जेल का वो स्टाफ भी इन्हें फांसी पर लटकाने के लिए कह रहा है, जिन्होंने आतंकवादी अफजल गुरु को फांसी दी थी।

अन्य कैदी भी फांसी देने को तैयार

अन्य कैदी भी फांसी देने को तैयार

हैरानी की बात तो ये है कि इन दोषियों को जेल के अन्य कैदी भी फांसी देने के लिए तैयार हैं। वह कहते हैं कि उन्हें खुशी होगी, अगर वो ये काम करते हैं। जेल के अधिकारियों का कहना है कि जेल में हत्या, लूट, डकैती और चोरी जैसे अपराधों में बंद कैदियों को रेप के दोषियों से चिढ़ होती है। इनके साथ अन्य कैदी अच्छा व्यवहार भी नहीं करते हैं।

अलग-अलग जेल में बंद

अलग-अलग जेल में बंद

कहा जाता है कि निर्भया के दोषियों को भी शुरुआत में इस वजह से परेशानी हुई थी, फिलहार चारों अलग-अलग जेल में बंद हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति जैसे ही इनकी दया याचिका खारिज कर देंगे, वैसे ही इन्हें फांसी पर लटकाने के लिए तैयारियां शुरू हो जाएंगी। इन लोगों को डेथ वॉरंट के हिसाब से फांसी दी जाएगी।

क्या है मामला?

क्या है मामला?

बता दें निर्भया कांड सात साल पुराना है। 16 दिसंबर, साल 2012 को मेडिकल की छात्रा निर्भया अपने दोस्त के साथ फिल्म देखकर लौट रही थी। तभी 6 लोगों ने बस में उसके साथ गैंगरेप किया। इनमें से चार दोषी जेल में बंद हैं। एक ने जेल में ही आत्महत्या कर ली थी। जबकि एक को नाबालिग होने का फायदा मिल गया और वह खुली हवा में आजाद घूम रहा है।

मौत की सजा सुनाई गई थी

मौत की सजा सुनाई गई थी

निर्भया की बाद में मौत हो गई थी। निर्भया के माता-पिता बीते सात सालों से इन्हें सजा दिलाने के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे हैं। इन अपराधियों को मौत की सजा सुनाई गई थी। लेकिन ये बार-बार दया याचिका दाखिल करते रहे। अब माना जा रहा है कि दोषी विनय की इस याचिका को जैसे ही राष्ट्रपति खारिज करते हैं, वैसे ही इन्हें फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा।

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English summary
engineers and doctors send emails to jail authority, said they are ready to hang nirbhaya case accused.
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