Electoral bonds: JDS को किस कंपनी ने दिया सबसे ज्यादा दान? आ गई पूरी लिस्ट
Karnataka Politics: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के अगुवाई वाले जेडीएस को इंफोसिस, बायोकॉन, एंबेसी ग्रुप और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी कंपनियों ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए दान मिले हैं।
चुनाव आयोग ने पार्टी की ओर से 20 मार्च, 2018 से लेकर 18 अप्रैल 2023 तक के दिए गए ब्योरे के आधार पर यह जानकारी दी है। चुनाव आयोग ने 17 मार्च को चुनावी बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों से प्राप्त दान का डेटा वेबसाइट पर अपलोड किया था। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही है।

जेडीएस को दान में मिले 89.75 करोड़ रुपए
जेडीएस उन दलों में शामिल है जिसने दानदाताओं का ब्योरा शेयर किया है। इसके मुताबिक पार्टी को इलेक्टोरल बॉन्ड्स के माध्यम से 89.75 करोड़ रुपए का दान प्राप्त हुआ था।
एंबेसी ग्रुप से मिले 22 करोड़ रुपए
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक जेडीएस को 20 मार्च, 2018 से 18 अप्रैल, 2023 के बीच एंबेसी ग्रुप ऑफ कंपनीज से 22 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे।
मेघा इंजीनियरिंग ने दिया सबसे ज्यादा दान
लेकिन, अगर देवगौड़ा की पार्टी को सबसे ज्यादा दान देने वाली कंपनी की बात होगी तो यह मेघा इंजीनियरिंग एंड इफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड है, जिसने उसे 50 करोड़ रुपए का दान दिया था।
इंफोसिस से मिले 1 करोड़ रुपए
उसी अवधि में जेडीएस को इंफोसिस से 1 करोड़ रुपए, किरण मजूमदार शॉ की बायोकॉन से 2.5 करोड़ रुपए और जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का दान प्राप्त हुआ था।
जेडीएस उन 10 राजनीतिक दलों में शामिल है, जिसने अपनी पार्टी के दानदाताओं के नाम के साथ दान में मिली रकम के बारे में बताया है। इसमें आम आदमी पार्टी, डीएमके,एआईएडीएमके और जेडीयू जैसी अन्य पार्टियां भी शामिल हैं।
डीएमके को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए मिले 656.50 करोड़ रुपए
डीएमके को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए 656.50 करोड़ रुपए मिले हैं। इस रकम में बहुत बड़ा हिस्सा सैंटियागो मार्टिन की लौटरी बेचने वाली कंपनी फ्यूचर गेमिंग से प्राप्त हुआ है।
इसके अलावा डीएमके को मेघा इंजीनियरिंग से 105 करोड़ रुपए, इंडिया सीमेंट से 14 करोड़ और सन टीवी से 100 करोड़ रुपए मिले हैं।
बता दें कि इलेक्टोरल बॉन्ड से सबसे ज्यादा चंदा भारतीय जनता पार्टी को मिला है, जो कि 6,986.5 करोड़ रुपए है। वहीं तृणमूल कांग्रेस को 1,397 करोड़ रुपए, कांग्रेस को 1,334 करोड़ रुपए और भारत राष्ट्र समिति को 1,322 करोड़ रुपए मिले हैं। (इनपुट-पीटीआई)












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